शिक्षाविद डॉ. कमला पांडे का निधन, आज सायं 4 बजे धौलपुर हाउस से निकलेगी अंतिम यात्रा
आगरा में शोक की लहर है। सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा की पूर्व प्रोफेसर एवं हिंदी विभाग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. कमला पांडे का 6 अप्रैल 2026 को निधन हो गया। वे स्वर्गीय हरद्वार दुबे (एडवोकेट, राज्यसभा सांसद व उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री) की पत्नी थीं। उनकी अंतिम शव यात्रा आज सायं 4 बजे धौलपुर हाउस स्थित निवास से ताजगंज मोक्ष धाम के लिए प्रस्थान करेगी।
आगरा। शहर के शैक्षणिक, सामाजिक और साहित्यिक जगत के लिए आज अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा की पूर्व प्रोफेसर, हिंदी विभाग की पूर्व अध्यक्ष एवं विदुषी शिक्षाविद् डॉ. कमला पांडे का आज 6 अप्रैल 2026 को दुखद निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर के शिक्षा जगत, साहित्य प्रेमियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
डॉ. कमला पांडे अपने जीवनकाल में हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा में लंबे समय तक अध्यापन करते हुए न केवल हजारों विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया, बल्कि हिंदी विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अपने सरल व्यक्तित्व, अनुशासित जीवन, विद्वता और संवेदनशील व्यवहार के लिए सदैव सम्मानित रहीं।
डॉ. कमला पांडे, स्वर्गीय हरद्वार दुबे की धर्मपत्नी थीं। स्वर्गीय हरद्वार दुबे एक प्रतिष्ठित एडवोकेट, राज्यसभा सांसद तथा उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके थे। इस प्रकार यह परिवार लंबे समय से सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक क्षेत्र में अपनी गरिमामयी पहचान रखता रहा है।
परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डॉ. कमला पांडे की अंतिम शव यात्रा आज सायं 4 बजे उनके निवास स्थान धौलपुर हाउस से ताजगंज मोक्ष धाम के लिए प्रस्थान करेगी। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए परिजन, शुभचिंतक, छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद्, समाजसेवी और परिचित बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। शोक संतप्त परिवार में उनके पुत्र प्रांशु हरद्वार दुबे प्रमुख रूप से शामिल हैं। वहीं परिवार की ओर से उनके देवर नागेंद्र प्रसाद दुबे ‘गामा’ (देवर) ने भी इस दुखद सूचना को साझा किया है।
डॉ. कमला पांडे के निधन से आगरा ने एक ऐसी शिक्षाविद् और संस्कारित व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने शिक्षा, भाषा और मानवीय मूल्यों के माध्यम से समाज को समृद्ध करने का कार्य किया। उनका जाना शिक्षा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।