हाईकोर्ट की सख्ती का असर: ब्लैकमेलिंग के बाद गायब छात्रा खुद पहुंची थाने

आगरा। आगरा के एत्मादुद्दौला क्षेत्र से लापता हुई दसवीं की छात्रा को लेकर जब हाईकोर्ट ने पुलिस को कड़े निर्देश दिए, तो नाटकीय मोड़ पर खुद छात्रा ही थाने पहुंच गई। हाईकोर्ट में पेशी से पहले उसकी उपस्थिति से पुलिस भी हैरान रह गई। बाद में पुलिस ने छात्रा का मेडिकल कराया और बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

Apr 19, 2025 - 20:16
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हाईकोर्ट की सख्ती का असर: ब्लैकमेलिंग के बाद गायब छात्रा खुद पहुंची थाने
थाना एत्मादुद्दौला में उपस्थित होकर बाल कल्याण समिति की प्रक्रिया के बाद परिजनों से मिलती छात्रा। पास में मौजूद हैं सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस और पुलिसकर्मी।

– बाल कल्याण समिति ने परिजनों के सुपुर्द किया, हाईकोर्ट में पेशी से पहले ही किया सरेंडर

इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब एक युवक छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। युवक ने उसके आपत्तिजनक फोटो खींच लिए और उसे ब्लैकमेल करने लगा। बाद में ब्लैकमेलिंग कर ही युवक इस छात्रा को अपने साथ भगा ले गया। परिजनों की शिकायत के बावजूद पुलिस छात्रा को तलाश नहीं सकी।

इस बीच युवक ने मंदिर में छात्रा से शादी रचा ली। इसके बाद परिजनों ने चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट नरेश पारस से संपर्क किया। अधिवक्ता विपिन चन्द्र पाल के माध्यम से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने 5 मई तक छात्रा को पेश करने का आदेश दिया। इसी आदेश की भनक लगते ही छात्रा आज एत्मादुद्दौला थाने पहुंच गई।

पुलिस ने उसे मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया, फिर बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाया गया। काउंसलिंग और आवश्यक प्रक्रिया के बाद समिति के सदस्यों निमेष बेताल, अर्चना उपाध्याय, हेमा कुलश्रेष्ठ और रेनू चतुर्वेदी—ने शपथपत्र लेकर छात्रा को माता-पिता के हवाले कर दिया।

बेटी मिलने के भावुक माहौल में परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। सब एक-दूसरे से गले मिले। उन्होंने चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट नरेश पारस का विशेष रूप से आभार जताया। मौके पर अंकुर शर्मा, राजू कुशवाह और विक्रम भी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor