दहशत में तेहरान! जंग की आहट के बीच ईरानी विदेश मंत्री का एस. जयशंकर को फोन, भारत से कूटनीतिक उम्मीद, अमेरिकी हमले की आशंका के बीच भारत की भूमिका पर टिकी निगाहें, भारतीयों को तेहरान छोड़ने की एडवाइजरी
तेहरान/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल गहराते जा रहे हैं। ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका के बीच तेहरान में दहशत का माहौल है। इसी तनावपूर्ण स्थिति में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मंगलवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चर्चा की है। डॉ. जयशंकर ने स्वयं इस फोन कॉल की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई के लिए आने वाले 48 घंटे बेहद अहम हैं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति किसी भी समय ईरान पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इजराइली प्रधानमंत्री का विशेष विमान उड़ान भर चुका है, वहीं अमेरिकी सेना की गतिविधियां कतर से तेज़ी से बढ़ रही हैं। इन घटनाक्रमों के बीच ईरान द्वारा भारत से संपर्क करना कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अराघची ने जयशंकर को ईरान और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बदल रहे सुरक्षा हालात की जानकारी दी।
भारत की भूमिका इस पूरे संकट में बेहद अहम मानी जा रही है। भारत के ईरान और इजरायल, दोनों देशों के साथ लंबे समय से मजबूत और संतुलित संबंध रहे हैं। ऐसे में जयशंकर की कूटनीतिक सलाह युद्ध को टालने और शांति बहाल करने में प्रभावी साबित हो सकती है। यह भी माना जा रहा है कि तेहरान इस संकट की घड़ी में भारत से मध्यस्थता या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक समर्थन की अपेक्षा कर रहा है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की।
इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए नई एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को सलाह दी है कि वे हालात को देखते हुए जल्द से जल्द तेहरान छोड़ें। साथ ही सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।