प्लास्टिक हटाओ, कपड़े के थैले अपनाओ: सब्जी विक्रेताओं के बीच बंटी पर्यावरण चेतना

आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शहर में एक प्रेरणादायक पहल की शुरुआत हुई। गैर-सरकारी संगठन ‘सेकंड चांस’ द्वारा सब्जी विक्रेताओं को कपड़े के थैले वितरित कर प्लास्टिक के विकल्प को प्रोत्साहित किया गया। इस अभियान में करीब 50 सब्जी विक्रेताओं को 5000 थैले वितरित किए गए।

Jun 7, 2025 - 11:00
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प्लास्टिक हटाओ, कपड़े के थैले अपनाओ: सब्जी विक्रेताओं के बीच बंटी पर्यावरण चेतना
संस्था सेकंड चांस द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आयोजित संगोष्ठी में विचार व्यक्त करतीं महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह।

-पर्यावरण संरक्षण के लिए महापौर की अपील- हर दिन को पर्यावरण दिवस बनाएं

कार्यक्रम में महापौर हेमलता दिवाकर ने सभी सब्जी विक्रेताओं को पर्यावरण रक्षा की शपथ दिलाई और सभी ने प्लास्टिक त्यागने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की चिंता केवल एक दिन की नहीं, हर दिन की जिम्मेदारी है। प्रशासन प्रयासरत है, लेकिन सफलता जन सहयोग के बिना अधूरी है।

बच्चों की नाटिका से गूंजी पर्यावरण की पुकार

कार्यक्रम में 'एक पहल' संस्था के बच्चों ने एक सुंदर लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसने उपस्थितजनों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। बच्चों ने बताया कि छोटे-छोटे प्रयास कैसे बड़े बदलाव ला सकते हैं।

वक्ताओं ने रखे विचार, दिए समाधान

सेकंड चांस टीम की ओर से डॉ. रेणुका डंग ने बताया कि इस वर्ष की थीम प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि हर साल 400 मिलियन टन प्लास्टिक बोतलें इस्तेमाल की जाती हैं।

डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बोतल क्रशिंग एटीएम की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे बोतलों का रीसायक्लिंग आसान हो सके। आज इस तरह के एटीएम आ चुके हैं, जिसमें बोतल डालने पर क्रश हो जाती हैं और बदले में उपयोगकर्ता को एक टॊफी भी मिलती है। ऐसे एटीएम आगरा में भी लगने चाहिए।
डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने सेकंड चांस संस्था के उत्पत्ति से लेकर उद्देश्यों तक की जानकारी साझा की। मयूरी मित्तल ने रीसायक्लिंग से जुड़ी समस्याओं को रेखांकित किया।

 एटीएम कार्ड जितनी प्लास्टिक निगल रहा इंसान

युवा उद्यमी संजिका डंग ने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति सप्ताह में एटीएम कार्ड जितनी मात्रा की प्लास्टिक निगल जाता है। यह आंकड़ा प्लास्टिक प्रदूषण की भयावहता को दर्शाता है।

पर्यावरण संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी है

वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक मेहरोत्रा ने कहा कि आज भी आमजन की सोच में बदलाव नहीं आया है। उन्होंने राहत इंदौरी का शेर पढ़ते हुए चेताया-

"शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़ गए,
ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण रक्षा एक संयुक्त प्रयास है, जिसमें सरकार और जनता दोनों की समान भागीदारी जरूरी है।

नगर निगम ने जताया संकल्प

अपर नगर आयुक्त अशोक प्रिया गौतम ने बताया कि नगर निगम, बेवरेज कंपनियों से चर्चा कर रहा है कि वे अपने प्लास्टिक उपयोग को कैसे कम करें।
डिप्टी कमिश्नर सरिता सिंह ने कहा कि नगर निगम पूरी निष्ठा से पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में जुटा है, लेकिन जन सहभागिता आवश्यक है।

होटल हिल्टन की मैनेजर रजनी ने बताया कि वे हमेशा अपने साथ जूट बैग और पानी की बोतल साथ रखती हैं ताकि उन्हें प्लास्टिक वस्तुओं का इस्तेमाल न करना पड़े।

रॊबिन जैन ने कार्यक्रम की सारी व्यवस्थाएं संभालीं। एक पहल संस्था के मनीष राय, श्रद्धा जैन, हिमांशु सचदेवा, शरद चौहान, आरके नैयर, संजीव चौबे, संतोष, अनु – प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor