356वें बलिदान दिवस पर वीर गोकुला का भावपूर्ण स्मरण, ब्रज में प्रतिमाओं और सम्मान की उठी पुरज़ोर मांग

आगरा। आगरा और ब्रज अंचल में अमर बलिदानी, हिंदू धर्म रक्षक वीर गोकुला सिंह जाट के 356वें बलिदान दिवस पर सर्व समाज ने श्रद्धा, गर्व और संकल्प के साथ उनका स्मरण किया। विभिन्न कार्यक्रमों में वक्ताओं ने मुगल अत्याचार के विरुद्ध वीर गोकुला के अदम्य साहस को नमन करते हुए महाराजा सूरजमल सहित ब्रज के वीर योद्धाओं की प्रतिमाएं और स्मारक स्थापित करने की मांग सरकार से की।

Jan 1, 2026 - 20:02
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356वें बलिदान दिवस पर वीर गोकुला का भावपूर्ण स्मरण, ब्रज में प्रतिमाओं और सम्मान की उठी पुरज़ोर मांग
आगरा किले के सामने प्रतिमा स्थल पर वीर गोकुल सिंह जाट को श्रद्धासुमन अर्पित करते सर्व समाज के लोग।

आगरा किले के समक्ष प्रतिमा स्थल पर हुआ हवन और विचार गोष्ठी

भारतवर्ष के इतिहास में अमर बलिदानी वीर गोकुला उर्फ गोकुल सिंह जाट का 356वां बलिदान दिवस आगरा किले के समक्ष उनकी प्रतिमा स्थल पर अखिल भारतीय जाट महासभा के बैनर तले श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में आगरा, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद एवं भरतपुर से बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की तथा हवन एवं विचार गोष्ठी में भाग लिया।

गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सैकड़ों की संख्या में सर्व समाज के लोगों की सहभागिता रही। सर्वप्रथम अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि प्रताप चौधरी (पूर्व विधायक), पूर्व मंत्री व विधायक चौधरी बाबूलाल, जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, महानगर अध्यक्ष गजेंद्र नरवार, युवा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष निर्मल चाहर, मथुरा जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी, फिरोजाबाद जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने वीर गोकुला की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। हवन यज्ञ पंडित आलोक चौधरी ने संपन्न कराया।

मुख्य अतिथि प्रताप चौधरी ने कहा कि औरंगजेब जैसे उस समय के सबसे बड़े अत्याचारी से लोहा लेना वीर गोकुला की असाधारण वीरता का प्रमाण है। अप्रशिक्षित और देशी हथियारों से लैस सेना के बावजूद तीन दिन तक युद्ध कराना और मुगल फौजदारों को पराजित करना इतिहास में दुर्लभ उदाहरण है।

मुख्य वक्ता विधायक चौधरी बाबूलाल ने कहा कि महाराजा सूरजमल और महाराजा जवाहर सिंह ने मुगलों को आगरा से खदेड़कर 13 वर्षों तक आगरा किले पर शासन किया और विकास कार्य कराए। ऐसे वीर महाराजा सूरजमल की आगरा किले के समक्ष प्रतिमा न होना सर्व समाज का अपमान है।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य के प्रतिनिधि यशपाल राणा ने कहा कि जाट महासभा का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलकर महाराजा सूरजमल की प्रतिमा, स्मृति द्वार और मेट्रो स्टेशनों के नाम ब्रज के वीरों के नाम पर रखने की मांग करेगा।

माथुर वैश्य महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री हरिमोहन कोठया, सुरेंद्र सिंह आदि ने भी विचार रखे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयप्रकाश चाहर, भूपेंद्र सिंह राणा, महामंत्री लोकेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष जगबीर सिंह पूर्व पार्षद व सतवीर रावत, रोहित सोलंकी, गौरव प्रधान, अजीत चाहर प्रधान, चौधरी नवल सिंह, गुलबीर सिंह, सुधीर कुलश्रेष्ठ, मुकेश सविता, मोनू उपाध्याय, गणेशी तोमर, मास्टर सुरेंद्र सिंह, रामवती देवी, सीमा चौहान, ममता सेठी, लक्ष्मी सिंह, रेखा यादव, रोहित सोलंकी विष्णु चौधरी, कृष्णा चौधरी, देवेंद्र पैलवार, वीरेंद्र नरवर, केशव चौधरी इंद्रवीर चाहर, देवेंद्र बेनीवाल, राजकुमार पौनियां, अंकित चौधरी, शिवराज सिंह हिंडोल, कैप्टन मनपाल सिंह, कैप्टन विक्रम सिंह हनी पौनिया, सोनू वर्मा आदि मौजूद रहे।

विचार गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि यदि एक वर्ष के भीतर सरकार द्वारा महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापित नहीं की गई, तो आगरा किले का घेराव किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर व महानगर अध्यक्ष गजेंद्र नरवार ने की तथा संचालन महामंत्री वीरेंद्र सिंह छोंकर व भारत सिंह कुंतल ने किया।

सुनारी गांव के चौराहे पर वीर को किया गया याद

सुनारी गांव के चौराहे पर वीर गोकुला जाट को श्रद्धा सुमन अर्पित करते जाट समाज के लोग। 

गांव सुनहरी चौराहे पर हिंदू धर्म रक्षक, अमर शहीद वीर गोकुला सिंह जाट के 356वें बलिदान दिवस के अवसर पर जाट समाज वेलफेयर एसोसिएशन, आगरा द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों सहित समाज के गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर वीर गोकुला सिंह जाट के बलिदान और अदम्य साहस का स्मरण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1669 में वीर गोकुला ने मुगल शासक औरंगजेब के विरुद्ध संगठित सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया और सिहोरा के निकट हुए युद्ध में मथुरा के फौजदार अब्दुल-उल-नवी को पराजित कर मार गिराया।

वक्ताओं ने बताया कि दिसंबर 1669 में वीर गोकुला सिंह जाट और उनके चाचा उदय सिंह को गिरफ्तार कर आगरा लाने और आगरा कोतवाली के सामने उनके बलिदान को भी याद किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आगरा की महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर रहीं। उन्होंने घोषणा की कि गांव सुनहरी चौराहे पर वीर गोकुला सिंह जाट की भव्य प्रतिमा आगामी मार्च माह तक स्थापित की जाएगी।

सभा को श्री यादराम वर्मा, बच्चू सिंह इंदौलिया, उदयवीर सिंह, अतर सिंह (मुखिया), अजीत चाहर (प्रधान), रविंद्र चौधरी (मंडल अध्यक्ष), वीरपाल चाहर, कीर्ति प्रधान, धर्मवीर सिंह (एडवोकेट), किशन सिंह, प्रेम सिंह वर्मा, प्रेम सिंह सोलंकी, सीताराम चौधरी, अशोक ठेनुआ, चंद्रवीर एवं शिवराम ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन बाबूलाल छोंकर ने किया और समापन देश, समाज व गांव की समृद्धि की कामना के साथ हुआ।

SP_Singh AURGURU Editor