सशक्त युवा, उज्ज्वल भविष्य- आंबेडकर विश्वविद्यालय के बायोटेक विभाग में करियर काउंसलिंग सत्र ने बढ़ाया छात्रों का आत्मविश्वास
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा छात्रों के लिए एक व्यापक और ज्ञानवर्धक करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार अवसरों और कौशल आधारित करियर की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना था। सत्र में बड़ी संख्या में छात्रों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया, जहां विशेषज्ञों ने आधुनिक युग के बदलते करियर रुझानों और वैश्विक अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा छात्रों के लिए एक व्यापक और ज्ञानवर्धक करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार अवसरों और कौशल आधारित करियर की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना था। सत्र में बड़ी संख्या में छात्रों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया, जहां विशेषज्ञों ने आधुनिक युग के बदलते करियर रुझानों और वैश्विक अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के बायोकैमिस्ट्री विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ प्रो. आशुतोष दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का समय बहुआयामी कौशल और व्यापक दृष्टिकोण का है। यदि विद्यार्थी सही दिशा में प्रयास करें और जरूरी कौशल विकसित करें, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर उनके लिए स्वतः उपलब्ध हो सकते हैं।
प्रो. दुबे ने उभरते जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों, उद्योग आधारित शोध, स्टार्टअप अवसरों, विदेशी विश्वविद्यालयों की स्कॉलरशिप और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। छात्रों ने विषय से जुड़े कई प्रश्न पूछे जिनका उन्होंने अत्यंत सरल एवं प्रेरक तरीके से समाधान किया।
कार्यक्रम कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए ऐसे सत्रों को अनिवार्य बताया। उनका मानना है कि करियर काउंसलिंग छात्रों को न सिर्फ दिशा देती है बल्कि भविष्य की अनिश्चितताओं को भी कम करती है।
आयोजन संयोजक प्रो. आरके अग्रिहोत्री ने बताया कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में छात्रों को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और आवश्यक कौशल की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सत्र छात्रों को करियर विकल्पों से अवगत कराते हैं और उन्हें अपनी रुचि, योग्यता और संभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं।
आयोजन सचिव डॉ. मोनिका अस्थाना और डॉ. प्रमोद कुमार ने विश्वविद्यालय की वर्ष 2025 की थीम “सशक्त युवा, उज्ज्वल भविष्य” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करियर काउंसलिंग छात्रों की क्षमता को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें सही अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सुरभि महाजन, उदिता तिवारी, नीलू सिन्हा, अंकुर गुप्ता, ऋतु सिंह और मोनिका यादव ने उल्लेखनीय योगदान दिया। सत्र के अंत में छात्रों ने विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए अत्यंत लाभदायक और प्रेरक सिद्ध हुआ।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा। इससे उन्हें न केवल करियर की विविध संभावनाओं का ज्ञान मिला, बल्कि उच्च शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यवहारिक मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।