शमसाबाद रोड पर भी बच नहीं पाए अतिक्रमणकारी, नगर निगम ने साफ कर दिए
आगरा। शमसाबाद रोड के अतिक्रमणकारियों ने शायद यह सोच रखा होगा कि शहर के बाहरी हिस्से में उनके अतिक्रमण पर नगर निगम की नजर नहीं जाएगी, लेकिन उनका सोच गलत था। नगर निगम की न केवल इस ओर नजर गई, अपितु मंगलवार को ध्वस्तीकरण दस्ते ने आज यहां व्यापक अभियान चलाकर दर्जनों की संख्या में स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण ध्वस्त करा दिए।
नगर निगम के अचानक चले इस अभियान के कारण दुकानदारों में हड़कंप मच रहा। सड़क पर निर्माण सामग्री रखने पर एक बिल्डर से दस हजार रुपये का जुर्माना भी वसूल किया गया। नगर निगम का अतिकमण हटाओ दस्ता प्रवर्तन प्रभारी कर्नल राहुल गुप्ता के नेतृत्व में राजपुर चुंगी पहुंचा। इस दौरान राजपुर चुंगी से कहरई मोड़ तक रोड के दोनों किनारे बनाई गयी तीन झोंपड़ पट्टी, और पैंसठ ठेल धकेलों को हटवाया गया।
राजाराम की बगिया पर बिल्डर मदन शर्मा द्वारा सड़क पर निर्माण सामग्री रखे जाने पर उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया । कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी ताजगंज सीपी सिंह,एसएफआई राघवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
दोपहर बाद जगदीशपुरा बोदला रोड पर शांति टाकीज के फुटपाथों पर से अतिक्रमण हटवाया गया। इसकी शिकायत जितेंद्र माहौर और सोनू निवासी भीमनगर के द्वारा की गई थी।
किसने और क्यों करा दी नगर निगम कर्मियों की कवायद
आगरा। एक विक्षिप्त युवक ने मंगलवार को नगर निगम कर्मियों की अच्छी खासी कवायद करा दी। हुआ यूं कि नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के पास सूचना आई कि किसी व्यक्ति ने ईदगाह कटघर के पास रेलवे लाइन के किनारे कूड़े में आग लगा दी है। इसकी जानकारी मिलते ही नगरायुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर कार्रवाई के निर्देश दिये।
आनन फानन में जेडएसओ ताजंगंज महेन्द्र सिंह के सूचना देने के साथ ही मौके पर वाटर स्प्रिंकलर करने वाले वाहन को भेजा गया। मौके पर पहुंचे सेनेटरी इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने कूड़ा जला रहे व्यक्ति को पकड़ लिया। इसी बीच उसका पिता भी आ गया। उसने बताया कि उसका बेटा विक्षिप्त है। वह बोल भी नहीं पाता है। उसने अधिकारियों को विक्षिप्त होने का प्रमाणपत्र भी दिखाया। इसके बाद निगम कर्मियों ने युवक को छोड़ दिया और आग को बुझवा दिया।