भविष्य नहीं वर्तमान है एंडो-रोबो गायनी, हर गायनेकोलॉजिस्ट के लिए प्रवीण होना जरूरी: डॉ. उषा शर्मा
आगरा। एंडो-रोबो सर्जरी अब भविष्य नहीं, वर्तमान बन चुकी है और गायनी के लगभग सभी ऑपरेशन लैप्रोस्कोपिक विधि से संभव हैं। मरीजों की बेहतरी के लिए हर गायनेकोलॉजिस्ट को इस तकनीक में प्रवीण होना आवश्यक है। यह बात पद्मश्री डॉ. उषा शर्मा ने आगरा ऑब्सट्रेटिकल एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी के नेशनल व यूपी चैप्टर और डॉ. कमलेश टंडन हॉस्पीटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेन्टर द्वारा आयोजित दो दिवसीय एंडो रोबो गायनी-2025 कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कही।
डॊ. उषा शर्मा ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं चिकित्सकों को नए कौशल सीखने और ट्रेंड में बने रहने का अवसर प्रदान करती हैं।
कार्यशाला का शुभारंभ ताज होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अमित टंडन ने कहा कि यह कार्यशाला चिकित्सा क्षेत्र में नई विधाओं और तकनीकों के आदान-प्रदान के साथ नई संभावनाओं को आगे बढ़ाएगी। देशभर से 400 से अधिक चिकित्सकों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। आईएजीई यूपी चैप्टर की चेयरपर्सन डॉ. नूतन जैन और डॉ. कल्याण बारमेड ने चार ऑपरेशन थिएटर में 25 सफल ऑपरेशन कर कार्यशाला की सफलता का प्रमाण दिया और बताया कि सीखने की कोई सीमा नहीं होती।
इस अवसर पर डॉ. कमलेश टंडन, डॉ. पं. मलासकर, डॉ. नीलम ओहरी, डॉ. वैशाली टंडन, एओजीएस की चेयरपर्सन डॉ. रिचा सिंह, डॉ. निधि बंसल सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। संचालन डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने किया। मेडिकल डायरेक्टर एंड चीफ ऑफ जेनीटोयूरो-ऑंकोलॉजी, राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट के डॉ. सुधीर रावल ने आगरा में पहली बार आयोजित टेली रोबो सर्जरी के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह देकर किया गया।