एडीआरडीई में इंजीनियरिंग विद्यार्थियों का तकनीकी अनुभव, रक्षा अनुसंधान की बारीकियों से हुए रूबरू
आगरा कॉलेज की फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने ADRDE में शैक्षणिक भ्रमण कर रक्षा अनुसंधान एवं एरियल डिलीवरी सिस्टम्स की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल वर्कशॉप, पैराशूट निर्माण प्रक्रिया तथा BMP प्रणाली का अवलोकन इस भ्रमण के प्रमुख आकर्षण रहे। संवाद सत्र के माध्यम से छात्रों ने विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।
आगरा। आगरा कॉलेज की फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने एडीआरडीई में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कर रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान अर्जित किया। यह संस्थान डिफेंस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के अधीन कार्यरत है और एरियल डिलीवरी सिस्टम्स के अनुसंधान एवं विकास में अग्रणी भूमिका निभाता है।
भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को रक्षा उपकरणों के निर्माण, परीक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण की वास्तविक प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। संस्थान के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों एवं अभियंताओं ने विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी और छात्रों के प्रश्नों का समाधान किया।
मैकेनिकल वर्कशॉप में विद्यार्थियों ने अत्याधुनिक सीएनसी मशीनों, मेटल फैब्रिकेशन तकनीकों तथा सटीक मशीनिंग प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि रक्षा उपकरणों के निर्माण में प्रिसिजन (Precision) और गुणवत्ता नियंत्रण सर्वोपरि होते हैं। मशीनिंग, कटिंग, ड्रिलिंग एवं असेंबली की प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन छात्रों के लिए विशेष आकर्षण रहा।
इलेक्ट्रिकल वर्कशॉप में कंट्रोल पैनल डिजाइन, पावर सप्लाई सिस्टम, वायरिंग तकनीक और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने समझाया कि एरियल डिलीवरी सिस्टम्स में विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता सैनिकों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती है।
भ्रमण का मुख्य आकर्षण पैराशूट निर्माण और पैकिंग प्रक्रिया रही। विद्यार्थियों को कैनोपी की सिलाई, सामग्री चयन, मजबूती परीक्षण और वैज्ञानिक पैकिंग विधि का प्रदर्शन कराया गया। साथ ही बताया गया कि प्रत्येक पैराशूट को कई चरणों के कठोर परीक्षणों से गुजरना पड़ता है ताकि उसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त छात्रों को बीएमपी (Battlefield Mobility Platform) की संरचना, कार्य सिद्धांत और रक्षा क्षेत्र में उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने आधुनिक रक्षा प्रणालियों में तकनीकी नवाचार की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने रक्षा अनुसंधान में करियर संभावनाओं और तकनीकी चुनौतियों से जुड़े प्रश्न पूछे। फैकल्टी समन्वयकों ने कहा कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ते हैं और उनके पेशेवर विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर डॉ. धीरेंद्र अग्रवाल एवं इंजीनियर राहुल अंशुमाली सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।