पर्यावरणविदों ने टीटीजेड के कार्यकलापों के सोशल ऑडिट की मांग की
आगरा। आगरा में प्रदूषण की समस्या पर ताज ट्रैपेज़ियम ज़ोन की अध्यक्ष और मंडलायुक्त ऋतु माहेश्वरी को आज दिए गए ज्ञापन में रिवर कनेक्ट कैंपेन के बृज खंडेलवाल और डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने अपनी गंभीर चिंताओं से अवगत कराया।
उनके मुताबिक 1994 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बावजूद आगरा में चालीस वर्षों में प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने डॉ. एस. वरदराजन समिति की सिफारिशों पर पुनर्विचार करने और हितधारकों के सहयोग से टीटीजेड में वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण निवारण परियोजनाओं का सामाजिक ऑडिट करने का अनुरोध किया है।
दोनों का मानना है कि आगरा में यातायात की भीड़, सड़कों की खराब गुणवत्ता, अतिक्रमण, और स्थानीय लोगों में यातायात की समझ के निम्न स्तर के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने नीतियों में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है, जिससे मनुष्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके, न कि मशीनों या वाहनों पर।
डा. भट्टाचार्य और श्री खंडेलवाल के अनुसार, आगरा में निजी वाहनों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे वायु प्रदूषण और शहरी गतिशीलता को प्रबंधित करने में समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को उन्नत करने, पैदल चलने और साइकिल चलाने को बढ़ावा देने, और वाहन प्रौद्योगिकी में सुधार करने की जरूरत पर बल दिया है।
इसके अलावा, उन्होंने पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने, फुटपाथ पर अतिक्रमण रोकने और साइकिल खरीदने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि आगरा में प्रदूषण की समस्या का समाधान करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की जरूरत है, जिसमें नीतिगत बदलाव, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा और पैदल चलने वालों के अधिकारों की रक्षा शामिल हो।
ज्ञापनदाताओं ने कहा कि 1998 में टीटीजेड ऑथोरिटी के गठन के बाद वायु, जल, शोर प्रदूषण निरंतर बढ़ रहा है, इसलिए जो भी क्रांतिकारी कदम विभिन्न विभागों ने उठाए हैं, उनका डिटेल्ड सोशल ऑडिट होना चाहिए।
टीटीजेड की अध्यक्ष ऋतु माहेश्वरी ने ज्ञापन को स्टडी करके विचार करने का आश्वाशन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व के मुकाबले प्रदूषण काफी कम हुआ है और समय समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।