शहर के नामी मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठान सुबह से बंद, बेड़ई-जलेबी के तलबगार मायूस होकर लौटे
आगरा। सुबह सुबह कढ़ाही से निकली गर्मागर्म बेड़ई और आलू की चटपटी सब्जी के तलबगारों को आज मन मसोसना पड़ा। शहर के नामी मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठान आज सुबह से ही बंद हैं। मुद्दा अपने उत्पीड़न का विरोध है। जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन के लिए सभी मिठाई विक्रेता सुभाष पार्क पर एकत्रित हो चुके थे।
अमीर हो या गरीब, आगरा में बेड़ई और जलेबी का नाश्ता बहुत प्रचलित है। सुबह होते ही लोगों के कदम खुद ब खुद हलवाइयों की दुकानों की ओर बढ़ जाते हैं। कहीं-कहीं तो सुबह 6:00 से 7:00 बजे तक बेड़ई और जलेबी की तलबगार हलवाई की दुकानों पर खड़े मिल जाते हैं। बहुत सारे लोगों का रूटीन है कि मॉर्निंग वॉक से लौटते समय हलवाई की दुकान पर नाश्ता कर ही घर लौटते हैं। गरमागरम बेड़ई और ऊपर से जलेबी के स्वाद के लोग इतने दीवाने हैं कि कुछ तो रोजाना ही इसी नाश्ते के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं।
आगरा स्वीट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा कल बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार आगरा के सभी ब्रांडेड मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठान आज सुबह से ही बंद हैं। मिठाई विक्रेताओं का कहना है कि पिछले कुछ समय से वे ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग भी उनका निरंतर उत्पीड़न कर रहा है। यह प्रवृत्ति बढ़ती ही जा रही है।
विगत दिवस श्री दाऊजी मिष्ठान भंडार पर खाद्य विभाग के एक अधिकारी और एक वकील द्वारा बेवजह नमूने लेने की घटना को लेकर मिठाई विक्रेताओं का धैर्य जवाब दे गया। कल ही आपात बैठक बुलाकर हड़ताल का निर्णय किया गया। इसी क्रम में सभी मिठाई विक्रेता सुभाष पार्क पर एकत्रित होकर जुलूस के रूप में जिला मुख्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी को ज्ञाप