मृत्यु के बाद भी मानवता की मिसाल बनीं आगरा की रुक्मणि जैन, नेत्रदान से दो अंधकारमय जिंदगियों को मिलेगी रोशनी

आगरा। ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी श्रीमती रुक्मणि जैन (61 वर्ष) के निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा किया गया नेत्रदान दो दृष्टिहीन जिंदगियों के लिए नई रोशनी बनकर सामने आया है। शनिवार को उनके निधन के उपरांत उनके कॉर्निया एस.एन. मेडिकल कॉलेज को दान किए गए, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में प्रकाश आएगा।

Feb 1, 2026 - 19:00
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मृत्यु के बाद भी मानवता की मिसाल बनीं आगरा की रुक्मणि जैन, नेत्रदान से दो अंधकारमय जिंदगियों को मिलेगी रोशनी
स्व. रुक्मणि जैन।

श्रीमती रुक्मणि जैन के पति अजीत जैन ने नेत्रदान के लिए श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही एस.एन. मेडिकल कॉलेज की आई बैंक इंचार्ज डॉ. शेफाली मजूमदार के निर्देशन में चिकित्सकों की टीम ने ग्रीफ काउंसलर दीपक शर्मा के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया को विधिवत और सफलतापूर्वक पूर्ण कराया।

नेत्रदान अभियान से जुड़ने की अपील

इस अवसर पर श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, नेत्रदान प्रभारी विष्णु जैन एवं मीडिया प्रभारी नंदकिशोर गोयल ने समाज के अन्य लोगों से भी नेत्रदान अभियान से जुड़ने की भावपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक महान और पुण्य कार्य है, जिससे अंधकारमय जीवन जी रहे दो व्यक्तियों को नई दृष्टि और नया जीवन मिलता है।

कमेटी ने बताया कि श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी नेत्रदान और देहदान की प्रक्रिया को पूर्ण कराने में सदैव सक्रिय भूमिका निभाती आ रही है। इसी क्रम में शनिवार को ही कमेटी ने पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुंदरलाल जी के नेत्रदान एवं देहदान में भी सहभागिता निभाई थी।

SP_Singh AURGURU Editor