माननीय की सिफारिश भी न काम आई, थाना प्रभारी ने जुआरियों को भेजा सलाखों के पीछे
आगरा। ये गांव के बच्चे हैं, ताश ही तो खेल रहे थे...। एक माननीय ने पूरी कोशिश की कि सिफारिश से जुआरियों को बचाया जा सके, लेकिन थाना डौकी के प्रभारी योगेश नागर ने किसी दबाव को तवज्जो न देते हुए सभी जुआरियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।
घटना थाना डौकी क्षेत्र के गांव मलखानपुर की है, जहां खेत में जुए की फड़ चल रही थी। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके से डोमर सिंह (ग्राम कोटरा, फतेहाबाद), रवीश और यशपाल (नगला देवहंस, डौकी) तथा कमल कटारा (ताजगंज निवासी) को धर दबोचा, जबकि तीन अन्य- हरिओम, करुआ और मलिंगा भाग निकले।
पुलिस को मौके से 9400 रुपये नगद और एक स्कॉर्पियो कार भी मिली। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब एक माननीय का फोन थाना प्रभारी के पास आया। उन्होंने आग्रह किया कि गांव के बच्चों को छोड़ दिया जाए। वे बोले- कोई बड़ा अपराध तो नहीं किया है, सिर्फ ताश ही खेल रहे थे…। मगर थाना प्रभारी ने साफ कह दिया कि ये अपराध है और मौके पर बाहर के लोग भी थे। यह सुनते ही माननीय फोन कट कर गए।
थाना प्रभारी योगेश नागर के इस सख्त रवैये की अब क्षेत्र में चर्चा हो रही है। कई लोग इसे पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली का उदाहरण मान रहे हैं, तो कुछ राजनीतिक दखलंदाजी पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि इस बार ताश की गड्डी, तिजोरी में नहीं, सलाखों के पीछे पहुंच गई।