पेशेवर उत्कृष्टता का मार्ग अनुभव आधारित शिक्षण से: आगरा कॉलेज के एफईटी में ज्ञानवर्धक सेमिनार

आगरा। आगरा कॉलेज के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एफ.ई.टी.) में ‘अचीविंग प्रोफेशनल एक्सीलेंस थ्रू एक्सपीरिएन्शियल लर्निंग’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय सेमिनार ने शिक्षण और उद्योग जगत के बीच सेतु निर्माण का प्रभावी संदेश दिया। के.एन.आई.टी., सुल्तानपुर के निदेशक प्रो. राजीव कुमार उपाध्याय ने विद्यार्थियों को पेशेवर उत्कृष्टता के व्यावहारिक सूत्र समझाते हुए कहा कि अनुभव ही सर्वोत्तम शिक्षक है और शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को जॉब-रेडी और फ्यूचर-रेडी बनाना है।

Nov 8, 2025 - 19:14
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पेशेवर उत्कृष्टता का मार्ग अनुभव आधारित शिक्षण से: आगरा कॉलेज के एफईटी में ज्ञानवर्धक सेमिनार
आगरा कॊलेज आगरा कॉलेज के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एफईटी) में शनिवार को आयोजित सेमिनार में बोलते केएनआईटी सुल्तानपुर के निदेशक प्रो. राजीव कुमार उपाध्याय। दूसरे चित्र में सेमिनार में मौजूद शिक्षकगण और छात्र।

कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती और पंडित गंगाधर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि का स्वागत करने के बाद सेमिनार की कार्यवाही आरंभ हुई।

मुख्य वक्ता प्रो. उपाध्याय ने कहा कि अनुभव आधारित शिक्षण विद्यार्थियों में डिज़ाइन थिंकिंग, समस्या-समाधान, टीमवर्क और संप्रेषण जैसी दक्षताओं का विकास करता है। उन्होंने इंटर्नशिप-टू-प्रोजेक्ट कंटिनम, रियल-लाइफ केस स्टडी, इंडस्ट्री विज़िट और माइक्रो-इंटर्नशिप जैसे उपायों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने पेंसिल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार बिना चोट लगे पेंसिल नहीं लिखती, वैसे ही बिना संघर्ष कोई व्यक्ति श्रेष्ठ नहीं बनता।  उन्होंने विद्यार्थियों को टीमवर्क और ‘सुनने की कला’ को पेशेवर सफलता की कुंजी बताया।

सेमिनार की अध्यक्षता एफ.ई.टी. के प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आज की इंजीनियरिंग शिक्षा को प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और लैब-टू-लाइव एक्टिविटीज़ से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने परिणाम-आधारित मूल्यांकन और उद्योग-संवाद को भी शैक्षणिक सुधार का प्रमुख तत्व बताया।

समन्वय समिति के संयोजक डॉ. भूपेंद्र सिंह चिकारा और संचालन समिति के संयोजक डॉ. यादवेंद्र शर्मा ने अपने विशेष उद्बोधन में कहा कि हैकथॉन, स्टार्टअप इनिशिएटिव्स, कम्युनिटी आउटरीच प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री-मेंटर्ड कैपस्टोन जैसी गतिविधियां छात्रों में नेतृत्व और नवाचार की भावना जागृत करती हैं।

प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों और शिक्षकों ने उभरती तकनीकों, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, माइक्रो प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री कोलैबोरेशन पर कई सारगर्भित प्रश्न रखे, जिनका उत्तर प्रो. उपाध्याय ने व्यावहारिक उदाहरणों सहित दिया।

समापन खंड में एफ.ई.टी. प्रशासन ने अनुभवाधारित शिक्षण को और सशक्त करने हेतु नई शृंखला की घोषणा की, जिसमें इंडस्ट्री-प्रेरित प्रोजेक्ट्स, मेंटॉरशिप सत्र, और माइक्रो-इंटर्नशिप शामिल होंगी।

धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आर. के. शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने मुख्य वक्ता, अध्यक्ष, विशेष अतिथियों, संकाय सदस्यों व छात्र समितियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर डॉ. अनुराग शर्मा, डॉ. अनुज पाराशर, डॉ. अमित रावत, ई. राहुल जैन, ई. धीरेंद्र सिंह, डॉ. तनवीर कमर, ई. उद्धव द्विवेदी, डॉ. वी. के. जैन, डॉ. धीरेंद्र अग्रवाल, ई. दीपक पाठक, ई. प्रतीक सक्सेना, डॉ. गुंजन अग्रवाल, ई. अश्विनी गुप्ता, डॉ. अंशुल अग्रवाल, ई. राहुल अंशुमाली, ई. पुष्कर दीक्षित, ई. अर्चित पाठक, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. दीप्ति, ई. हर्षित उपाध्याय, ई. आनंद राजपूत, ई. निशांत शर्मा सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor