पीताम्बरी सागर में डूबी आस्था: आगरा में 151 कलशों संग श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की पावन संध्या पर भावना एस्टेट स्थित कावेरी कौस्तुभ परिसर भक्ति, भव्यता और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा, जब 151 कलशों की दिव्य शोभायात्रा, देव सवारियों और पुष्पवृष्टि के बीच सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। पीत वस्त्रों में हजारों श्रद्धालु जैसे किसी दिव्य लोक के साक्षात दर्शनों में डूबे दिखाई दिए।

Dec 4, 2025 - 13:30
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पीताम्बरी सागर में डूबी आस्था: आगरा में 151 कलशों संग श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ
भावना एस्टेट, सिकंदरा रोड स्थित कावेरी कौस्तुभ में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा में सम्मिलित श्रद्धालु।

आगरा। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के पावन अवसर पर भावना एस्टेट, सिकंदरा रोड स्थित कावेरी कौस्तुभ परिसर में आज सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। परिसर का माहौल ऐसा था मानो किसी आध्यात्मिक तीर्थ का रूप धारण कर लिया हो। पीत वस्त्रों में श्रद्धालुओं की लहर, देवी-देवताओं की सवारियां और पुष्पवर्षा से महकता वातावरण।

सुबह कलश पूजन के बाद 151 कलशों की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश धारण किए महिलाओं और पुरुषों की कतारें श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम रच रही थीं। कलश यात्रा की अगुवाई गणेश जी और बांके बिहारी जी की सवारियों ने की, जिनके आगे परंपरागत दो घोड़े शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह तोपों द्वारा पुष्पवृष्टि ने दृश्य को और भी दिव्य और आनंदमय बना दिया।

कथा व्यास, भागवत रत्न से अलंकृत मोहित स्वरूप आचार्य (वृंदावन) ने कलश यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भक्ति, पवित्रता और समाज की सामूहिक एकता का प्रतीक है। सायंकाल प्रथम दिवस की कथा में उन्होंने श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का वैदिक वर्णन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मनुष्य के भीतर धर्म, ज्ञान और मोक्ष की राह को प्रकाशित करती है।

कथा का शुभारंभ राजा परीक्षित की परंपरा के अनुसार रमाशंकर शर्मा एवं बृजबाला शर्मा ने श्रीमद् भागवत का विधिवत पूजन कर किया।
आयोजन को सफल बनाने में विश्वास शर्मा, अनीशा शर्मा, अमित शर्मा, श्रद्धा शर्मा, मौली शर्मा, सुहानी शर्मा, एकाग्र वशिष्ठ, लावण्या वशिष्ठ, संजय गोयल, निमित्त पोरवाल, अखिलेश दुबे, नरेश सिंह, नरेंद्र गुप्ता, दिलीप अग्रवाल, विजय बंसल, ऋषि खंडेलवाल, विजय अग्रवाल, जयप्रकाश यादव, कपिल पोरवाल, दीपक अग्रवाल, गजेंद्र तोमर आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस सात दिवसीय कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक भक्ति रस, आध्यात्मिक प्रसंगों और संगीतात्मक भजन संध्या के साथ किया जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor