अमरोहा में चल रही थी नकली नोटों की फैक्ट्री: दिल्ली पुलिस ने दो गिरफ्तार कर बरामद किए 44,500 के जाली नोट
नई दिल्ली/अमरोहा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली भारतीय मुद्रा (नोटों) का कारोबार करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह उत्तर प्रदेश के अमरोहा में नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहा था। इस सिलसिले में दो आरोपियों अदनान और दानिश को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से कुल 44,500 रुपये के नकली नोट, एक रंगीन प्रिंटर, पेपर शीट्स, पेपर कटर और हरी टेप बरामद की गई है, जो नोट छापने में इस्तेमाल होती थी।
डिलीवरी के समय पकड़ा गया आरोपी
स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 100 रुपये के नकली नोट चलाए जा रहे हैं। 20 जून को पुलिस ने दिल्ली के डल्लूपुरा इलाके में जाल बिछाकर अदनान को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह नकली नोटों की डिलीवरी देने पहुंचा था। उसके पास से 30,000 रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद हुए।
अमरोहा में मिली प्रिंटिंग यूनिट
अदनान से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने यूपी के अमरोहा जिले में दानिश के घर पर छापा मारा। वहां से 14,500 रुपये के नकली नोट, कुछ अधछपे नोट, कलर प्रिंटर, पेपर शीट्स, नोट काटने वाला कटर और हरे रंग की टेप बरामद हुई।
छोटे नोटों को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक गिरोह बीते 4-5 महीनों से 100 रुपये के नकली नोट छाप रहा था। छोटा मूल्य होने के चलते ये नोट आसानी से बाजार में चला दिए जाते थे और लोगों को शक भी कम होता था।
अदनान और दानिश की पृष्ठभूमि
आरोपी अदनान बारहवीं पास है और पहले एक पैथोलॉजी लैब में सैंपल कलेक्टर था। उसके पिता बीड़ी बेचते हैं। ज्यादा कमाई के लालच में वह एक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने उसे नकली नोट छापने की तकनीक सिखाई। बाद में उसने अपने पुराने दोस्त दानिश को भी इसमें शामिल कर लिया। दानिश आठवीं पास है और अमरोहा में मजदूरी करता था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।