नकली दवा सिंडिकेट पर फिर कसा शिकंजा, आगरा के दवा बाजार में ड्रग इंस्पेक्टरों की बड़ी कार्रवाई

आगरा। नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर एक बार फिर ड्रग विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दवा बाजार स्थित एक मेडिकल स्टोर पर आगरा और मैनपुरी से पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने कई घंटों तक गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार यहां नकली दवाओं की बिक्री की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

Dec 18, 2025 - 21:18
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नकली दवा सिंडिकेट पर फिर कसा शिकंजा, आगरा के दवा बाजार में ड्रग इंस्पेक्टरों की बड़ी कार्रवाई
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आगरा। नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर एक बार फिर ड्रग विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दवा बाजार स्थित एक  मेडिकल स्टोर पर आगरा और मैनपुरी से पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने कई घंटों तक गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार यहां नकली दवाओं की बिक्री की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

बताया जा रहा है कि नकली दवा सिंडिकेट से जुड़े जिन व्यापारियों को पहले जेल से रिहाई मिल चुकी है, उनके खिलाफ अब दोबारा मुकदमे दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। नामी दवा कंपनियों की ओर से की गई शिकायतों के बाद ड्रग विभाग सक्रिय हुआ है और जब्त दवाओं की फिर से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) जांच कराई जाएगी।

ड्रग विभाग के सूत्रों के मुताबिक, करीब 71 करोड़ रुपये की जब्त दवाओं की दोबारा लैब जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों पर धोखाधड़ी (धारा 420) सहित गंभीर आपराधिक धाराओं में केस तय किए जाएंगे।

नकली दवा माफिया एके राणा की गिरफ्तारी के बाद विभाग बड़े स्तर पर एक्शन की तैयारी में है, जिससे पूरे दवा कारोबार में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब 20 से अधिक नामी ब्रांडों के नाम पर नकली दवाएं तैयार की जाती थीं, जिनका नेटवर्क पॉन्डिचेरी से लेकर आगरा तक फैला हुआ था।

सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इन नकली दवाओं की सप्लाई की जाती थी और कोतवाली क्षेत्र का दवा बाजार इस अवैध कारोबार का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। गौरतलब है कि 22 अगस्त को हुई बड़ी छापेमारी के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था, लेकिन अब फाइल दोबारा खोले जाने से दवा कारोबारियों में खलबली मच गई है। ड्रग विभाग की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि नकली दवाओं के कारोबार में लिप्त लोगों पर आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।