बरेली में फर्जी कॉल सेंटर से नकली सेक्सवर्धक दवाओं का धंधा, डॉक्टर-हकीम बनकर देशभर में करते थे सप्लाई; दो गिरफ्तार

-आरके सिंह- बरेली। इज्जतनगर थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर की आड़ में कथित नकली सेक्सवर्धक दवाओं की ऑनलाइन बिक्री करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य खुद को डॉक्टर और हकीम बताकर सोशल मीडिया पर लोगों को दवाएं बेचते थे और पार्सल के जरिए देशभर में उनकी आपूर्ति करते थे। पुलिस ने मौके से छह कंप्यूटर, 12 मोबाइल फोन, 85 पैकेट कथित नकली दवाएं, फर्जी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस और 1.99 लाख रुपये नकद समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है। गिरोह का एक आरोपी इलियास खान फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

Oct 6, 2026 - 23:08
Oct 6, 2026 - 23:09
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बरेली में फर्जी कॉल सेंटर से नकली सेक्सवर्धक दवाओं का धंधा, डॉक्टर-हकीम बनकर देशभर में करते थे सप्लाई; दो गिरफ्तार
बरेली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये दोनों आरोपी।

एसपी सिटी मानुष पारीक ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरोह तकनीकी संसाधनों और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था। आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और दवा सप्लायरों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

एसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि गिरोह ऑनलाइन ऑर्डर लेकर पार्सल के माध्यम से कथित नकली दवाओं की आपूर्ति करता था। फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।

कंप्यूटर पर ग्राहक डेटा, कैप्सूल में भर रहे थे पाउडर

पुलिस के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर राजीव एन्क्लेव कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा गया। वहां कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और दवाओं की पैकिंग देखकर पुलिस को संदेह हुआ। एक युवक कंप्यूटर पर ग्राहकों का डेटा संभाल रहा था, जबकि दूसरा कथित तौर पर खाली कैप्सूलों में पाउडर भरकर उन्हें डिब्बियों में पैक कर रहा था।

मौके से देवचंदनियां निवासी समीरुद्दीन (24) और बड़ी बिहार निवासी यूसुफ (25) को गिरफ्तार किया गया। यूसुफ का भाई इलियास खान मौके से फरार हो गया।

इंस्टाग्राम पर बनाया फर्जी हर्बल ब्रांड

एसपी सिटी के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सहारनपुर और मुरादाबाद के खुले बाजारों से सस्ता पाउडर और कच्चा माल खरीदते थे। इसके बाद इंस्टाग्राम पर ‘हर्बल एंड जड़ीबूटी’ नाम से फर्जी पहचान बनाकर विज्ञापन चलाते थे। खुद को बड़ा हकीम और डॉक्टर बताकर पुरुषों की कमजोरी दूर करने का दावा किया जाता था।

पुलिस के अनुसार आठवीं पास समीरुद्दीन ग्राहकों से डॉक्टर बनकर बातचीत करता था और कॉल सेंटर के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर बुक कराता था। दवाओं के लिए 250 से 300 रुपये या उससे अधिक की राशि यूपीआई के माध्यम से सीधे बैंक खातों में मंगाई जाती थी।

फर्जी लाइसेंस से बचने की कोशिश

पुलिस के अनुसार गिरोह ने कार्रवाई से बचने के लिए एक फर्जी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस भी तैयार कर रखा था। देवचंदनियां कस्बे में एक दुकान भी संचालित की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह करीब एक साल से सक्रिय था और पार्सल के जरिये देशभर में कथित नकली दवाओं की आपूर्ति कर रहा था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह कंप्यूटर, आठ मॉनिटर, एक लैपटॉप, तीन प्रिंटर, एक स्कैनर, 12 मोबाइल फोन, कथित नकली दवाओं के 85 पैकेट, पैकिंग सामग्री, फर्जी लाइसेंस, छह चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड और 1.99 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार इलियास खान की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

SP_Singh AURGURU Editor