बरेली सर्किट हाउस में मंत्री की बैठक के दौरान फरीदपुर के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का हार्ट अटैक से निधन, बीते कल ही मनाया था 60वां जन्मदिन
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। बरेली जिले की सुरक्षित फरीदपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार दोपहर अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यह दुखद घटना उस समय हुई, जब वह बरेली स्थित सर्किट हाउस में प्रदेश के पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में शामिल थे। उनके आकस्मिक निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
मीटिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब सवा दो बजे बैठक के दौरान अचानक डॉ. श्याम बिहारी लाल की तबीयत बिगड़ गई। इससे में सर्किट हाउस में हो रही मीटिंग में अफरा-तफरी मच गई। सहयोगियों ने तत्काल उन्हें बरेली के मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां हालत गंभीर देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मेडिसिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर विमल भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्हें गंभीर हार्ट अटैक आ चुका था। बीपी और पल्स नहीं चल रही थी। चिकित्सकों की टीम ने लगभग एक घंटे तक सीपीआर और अन्य जीवनरक्षक प्रयास किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। करीब तीन बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
60वें जन्मदिन के अगले ही दिन चला गया जनप्रतिनिधि
गौरतलब है कि डॉ. श्याम बिहारी लाल का एक दिन पहले ही, गुरुवार 1 जनवरी को 60वां जन्मदिन था। जन्मदिन की शुभकामनाओं के बीच किसी को यह अंदेशा नहीं था कि अगले ही दिन यह दुखद समाचार सामने आएगा। उनके परिवार में पत्नी मंजू लता, एक पुत्र और दो बेटियां हैं।
अधिकारियों और नेताओं का आवास पर जमावड़ा
निधन की सूचना मिलते ही मेडिसिटी हॉस्पिटल के पीछे स्थित विधायक के आवास पर जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, सीडीओ देवयानी सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। भाजपा सांसद छत्रपाल गंगवार समेत पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता भी शोक व्यक्त करने पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी ने जताया गहरा शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्याम बिहारी लाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस अथाह दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
हालिया टोल विवाद भी रहा चर्चा में
डॉ. श्याम बिहारी लाल हाल ही में 9 दिसंबर 2025 को एक टोल प्लाजा विवाद को लेकर भी चर्चा में आए थे। फरीदपुर जाते समय टोल प्लाजा पर उनकी सरकारी गाड़ी रोके जाने और टोलकर्मी द्वारा देरी किए जाने पर उन्होंने पुलिस बुला ली थी। बाद में टोल प्रबंधन ने माफी मांगते हुए संबंधित महिला कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया था। विधायक ने इस घटना को व्यक्तिगत अपमान से अधिक टोल व्यवस्था और सड़कों की बदहाली से जोड़ा था। इस मामले ने भी जिले में काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
शिक्षाविद् से जनप्रतिनिधि तक का सफर
डॉ. श्याम बिहारी लाल का जन्म 1 जनवरी 1966 को हुआ था। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय से इतिहास में पीएचडी की थी और उसी विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर रहे। पुरातन भारतीय इतिहास और संस्कृति पर उनके शोध को विशेष पहचान मिली।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने भाजपा के टिकट पर 2017 में पहली बार फरीदपुर (अनुसूचित जाति आरक्षित) विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद 2022 में लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। शिक्षा, बिजली आपूर्ति, स्थानीय पहचान और विकास कार्यों को लेकर वे क्षेत्र में सक्रिय और मुखर जनप्रतिनिधि माने जाते थे।
एक शिक्षाविद्, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और सक्रिय विधायक के रूप में डॉ. श्याम बिहारी लाल का अचानक यूं चले जाना फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके निधन से न केवल भाजपा संगठन बल्कि आम जनता में भी गहरा शोक व्याप्त है।