शंभु और खानौरी बार्डर से किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया, तंबू हटाए गए, इंटरनेट बंद

नई दिल्ली। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर के साथ ही दोनों बार्डर से करीब चार सौ किसानों को हिरासत में लिया गया है। इसके बाद अब शंभू और खनौरी बॉर्डर पर इंटरनेट भी सस्पेंड कर दिया गया है। केंद्र और किसानों की बैठक बेनतीजा होने के बाद किसान नेता शंभू बॉर्डर पर जा रहे थे। मोहाली में उनके काफिले को रोक कर पंजाब पुलिस ने उन्हें डिटेन किया।

Mar 19, 2025 - 20:58
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शंभु और खानौरी बार्डर से किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया, तंबू हटाए गए, इंटरनेट बंद


पुलिस ने पंजाब-हरिो याणा शंभू सीमा पर किसानों द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचों को भी हटा दिया है। इसी तरह की कार्रवाई खनौरी सीमा पर भी देखने को मिली। वहां से भी किसानों के तंबुओं को उखाड़ दिया गया। पंजाब पुलिस की तरफ से यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जबकि सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई किसान नेता केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद शंभू और खनौरी धरना स्थलों की ओर जा रहे थे। एक किसान नेता ने यह दावा किया।

किसान नेता गुरमनीत सिंह मंगत ने पहले ही यह चिंता जाहिर कर दी थी कि पंजाब पुलिस पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित दो आंदोलन स्थलों (शंभू और खनौरी सीमा) से प्रदर्शनकारियों को हटा सकती है. और ऐसा ही हुआ। दोनों स्थानों पर मौजूद पंजाब पुलिस के जवानों ने अस्थायी तंबुओं को हटा दिया। 
इससे पहले, किसानों की विभिन्न मांगों पर चर्चा के लिए चंडीगढ़ में किसान नेताओं और केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के बीच नए दौर की बैठक हुई। हालांकि वार्ता में शामिल केंद्रीय मंत्रियों ने किसानों के हितों को सर्वोपरि बताया।

तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वार्ता जारी रहेगी और अगली बैठक चार मई को होगी। बैठक के बाद चौहान ने कहा, “बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। चर्चा सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से हुई. बातचीत जारी रहेगी।  किसान नेता मंगत ने कहा कि पंधेर और डल्लेवाल के अलावा अभिमन्यु कोहाड़, काका सिंह कोटरा और मंजीत सिंह राय समेत सैकड़ों  को हिरासत में लिया गया है। शंभू और खनौरी सीमा पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

किसान नेताओं को डिटेन किए जाने पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री डॉ राज कुमार वेरका ने कहा कि आज भगवंत मान ने साबित कर दिया कि वह केंद्र सरकार के एजेंट हैं। उन्होंने कहा, “किसानों को बातचीत के लिए बुलाकर फिर उन्हें डिटेन करना… किसानों का साथ धोखा किया गया है। किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए केंद्र सरकार के इशारों पर किसानों को डिटेन किया गया है।”

वहीं, किसान नेताओं की हिरासत पर पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "आप सरकार और पंजाब के लोग किसानों के साथ खड़े थे, जब उन्होंने तीन काले कानूनों का विरोध किया। किसानों की मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं। एक साल से ज्यादा हो गया है और शंभू और खनौरी बॉर्डर बंद हैं। पंजाब के व्यापारी, युवा बहुत परेशान हैं।"

वहीं, मंत्री चीमा ने आगे कहा, "जब व्यापारी व्यापार करेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे नशे से दूर रहेंगे आज की कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि हम चाहते हैं कि पंजाब के युवाओं को रोजगार मिले। हम शंभू और खनौरी बॉर्डर खोलना चाहते हैं। किसानों की मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं और उन्हें दिल्ली या कहीं और विरोध प्रदर्शन करना चाहिए लेकिन पंजाब की सड़कें बंद नहीं करनी चाहिए।"