किसानों का गुस्सा फूटा: अफसरों की गैरहाजिरी पर किसान दिवस का बहिष्कार, घोटालों की झड़ी लगाई
आगरा में किसान दिवस कार्यक्रम उस समय हंगामेदार हो गया जब किसान नेताओं और किसानों ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। करीब एक घंटे तक केवीके परिसर में किसान धरने पर बैठे रहे। लगातार गंभीर आरोपों और विभागीय घोटालों की शिकायतों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया।
आगरा। किसान नेताओं और किसानों ने केवीके में आयोजित किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया। अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराज किसान एक घंटे तक परिसर में बैठे रहे और कार्यक्रम शुरू नहीं होने दिया।
किसान दिवस में केवल कृषि अधिकारी वी.के. सिंह, उप निदेशक कृषि और एसडीओ बिजली मौके पर मौजूद थे। इसके बाद सीडीओ प्रतिभा सिंह पहुंचीं। उन्होंने फोन पर किसान नेताओं से बातचीत की, तब जाकर किसान शांत हुए और कार्यक्रम शुरू हुआ।
किसान आयोग के सदस्य ऋषि कुमार ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों को वे 26 नवंबर 2025 को लखनऊ में होने वाली कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही की बैठक में उठाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि जो किसानों की बात नहीं सुनेगा, उसकी सफाई आगरा से शुरू होगी।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के आदेशों को नजरअंदाज कर रहा है। अधिकारियों ने किसान दिवस से दूरी बना ली है और कोई भी किसान समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं। उन्होंने नहर विभाग के अधिशाषी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नहरों, माइनरों और रजवानों की सफाई नहीं हुई। आगरा की सभी नहरों की कुल लंबाई 620 किमी है। सफाई कार्य के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये दिए, लेकिन अधिकारी और ठेकेदार मिलकर घोटाला कर रहे हैं।
किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने कहा कि डीएपी खाद किसानों को बोवाई के समय नहीं मिली। अब जब जरूरत खत्म हो गई, तब समितियों पर डीएपी भेजी जा रही है। अधिकारियों और समिति सचिवों ने डीएपी 1350 से 1700 रुपये तक में बेचकर किसानों के साथ घोटाला किया है। इसकी जांच की मांग की गई।
किसान नेता सोमवीर यादव ने भी नहर सफाई घोटाले में ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जेडीसी जांच और किसान प्रतिनिधि शामिल किए जाने की मांग की। आलू उत्पादक पुष्पेंद्र जैन ने कहा कि उद्यान विभाग में आलू सीड वितरण प्रभारी ने किसानों को नकली बीज दिया है। सूत्रों के मुताबिक उसने अपना खराब या गलत साइज का बीज किसानों में बांटा। इसकी भी जांच आवश्यक है।
किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने आरोप लगाया कि पशु चिकित्स विभाग ने फर्जी टीकाकरण कार्यक्रम चलाया और दवाओं में भी घोटाला किया है। इसकी जांच कराई जाए। किसान नेता मुकेश पाठक ने बिजली विभाग के खिलाफ कहा कि किसानों को कम से कम 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन आपूर्ति बेहद कम है।
किसान दिवस कार्यक्रम में सैकड़ों किसान मौजूद रहे और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।