लोकसभा में फतेहपुर सीकरी की गूंज, सांसद राजकुमार चाहर ने नई रेल लाइन से लेकर ठहराव तक रखीं मांगें
फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा के शून्य काल में क्षेत्र की अहम रेल समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने आगरा-खैरागढ़-जगनेर-तांतपुर-बयाना नई रेलवे लाइन को जल्द वित्तीय स्वीकृति देकर शुरू कराने की मांग की। साथ ही आगरा-फतेहाबाद-बाह-बटेश्वर होते हुए इटावा तक रेल कनेक्टिविटी विकसित करने और कुछ ट्रेनों को इस रूट पर चलाने का सुझाव दिया। इसके अलावा उन्होंने अहमदाबाद-असरवा रूट की ट्रेन संख्या 20178/20177 (पूर्व 01919/01920) का फतेहपुर सीकरी स्टेशन पर ठहराव दोबारा बहाल करने की मांग रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की।
आगरा। लोकसभा के शून्य काल में अति लोक महत्व के विषय पर चर्चा के दौरान भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और जनसुविधाओं के मुद्दों को जोरदार ढंग से सदन में उठाया। सांसद ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगों को केंद्र में रखते हुए नई रेलवे लाइन, वैकल्पिक रेल कनेक्टिविटी और बंद किए गए ट्रेन ठहराव की बहाली जैसे अहम मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा में कहा कि आगरा से खेरागढ़, जगनेर, तांतपुर होते हुए बयाना (राजस्थान) तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन क्षेत्र की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सर्वे वर्ष 2024 में पूर्ण हो चुका है, ऐसे में अब सरकार को इसे शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित रेल लाइन केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि फतेहपुर सीकरी सहित धौलपुर, भरतपुर, बयाना, हिंडौन और करौली जैसे क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक प्रगति का नया द्वार खोल सकती है। सांसद ने स्पष्ट किया कि इस रेल परियोजना के शुरू होने से ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा, स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के आवागमन में सुविधा होगी, साथ ही पर्यटन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
आगरा-फतेहाबाद-बाह-बटेश्वर होकर इटावा कनेक्टिविटी की उठाई मांग
सांसद चाहर ने सदन में एक और अहम विषय उठाते हुए कहा कि वर्तमान में आगरा कैंट/आगरा फोर्ट से टूंडला होते हुए इटावा की ओर रेल संपर्क उपलब्ध है, जबकि आगरा-फतेहाबाद-बाह-बटेश्वर क्षेत्र आज भी प्रत्यक्ष रेल कनेक्टिविटी से वंचित है। उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार दिल्ली से टूंडला होकर कई ट्रेनें संचालित होती हैं, उसी तरह आगरा से फतेहाबाद, बाह और बटेश्वर होते हुए इटावा को जोड़ने वाली रेल सेवाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि फिलहाल जो ट्रेनें इस रूट पर अन्य मार्गों से संचालित हो रही हैं, उनमें से कुछ ट्रेनों का संचालन या रूट विस्तार आगरा-फतेहाबाद-बाह-बटेश्वर कॉरिडोर की ओर किया जाए, ताकि इस क्षेत्र के लोगों को भी रेल सुविधा का सीधा लाभ मिल सके। सांसद ने कहा कि यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और जनसंख्या की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अभी तक अपेक्षित रेल सुविधाओं से वंचित है।
फतेहपुर सीकरी स्टेशन पर ट्रेन ठहराव हटने पर जताई नाराजगी
सांसद राजकुमार चाहर ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया। उन्होंने असरवा (अहमदाबाद) के बीच संचालित ट्रेन संख्या 01919/01920 (वर्तमान में 20178/20177) के फतेहपुर सीकरी रेलवे स्टेशन पर ठहराव समाप्त किए जाने पर गंभीर चिंता जताई।
सांसद ने कहा कि इस ट्रेन का फतेहपुर सीकरी स्टेशन पर ठहराव क्षेत्रीय यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी था। इस ठहराव के हटने से आम यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रेल मंत्री से मांग की कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस ट्रेन का ठहराव फतेहपुर सीकरी स्टेशन पर तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल किया जाए, ताकि क्षेत्रीय जनता को निर्बाध रेल सेवा मिलती रहे।
क्षेत्रीय विकास के लिए संसद में मजबूत पैरवी
सांसद चाहर ने लोकसभा में इन मुद्दों को उठाकर यह स्पष्ट संकेत दिया कि वे फतेहपुर सीकरी संसदीय क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर हैं। राजनीतिक और विकासात्मक दृष्टि से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से क्षेत्र के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में रेल नेटवर्क के विस्तार की मांग उठती रही है।
स्थानीय स्तर पर भी सांसद द्वारा संसद और रेल मंत्रालय के समक्ष इन मुद्दों को प्रमुखता से रखने को क्षेत्रीय हितों की मजबूत पैरवी के रूप में देखा जा रहा है। यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय होता है, तो इससे आगरा मंडल और राजस्थान सीमा से जुड़े इलाकों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है।