गोल्डी बराड़ पर एफबीआई का वार, 50,000 डॉलर का इनाम, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर 50,000 डॉलर (करीब 43 लाख रुपये) का इनाम घोषित किया है। एजेंसी ने उसे उत्तर अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रमुख संचालक बताते हुए हत्या, रंगदारी, अपहरण, हथियार और ड्रग तस्करी सहित कई गंभीर मामलों में आरोपी बताया है। एफबीआई ने 'ऑपरेशन हार्ड बाल' के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में लगभग 50 स्थानों पर छापेमारी कर 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, सभी आरोप अभी जांच एजेंसियों के दावे हैं और अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी कानूनन निर्दोष माने जाएंगे।
उत्तर अमेरिका में बैठे गैंग नेटवर्क पर एफबीआई की बड़ी कार्रवाई, हत्या, रंगदारी और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप
नई दिल्ली। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में शामिल सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को वांटेड घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50,000 डॉलर (करीब 43 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा की है। एफबीआई का आरोप है कि गोल्डी बराड़ उत्तर अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप का प्रमुख संचालक है और अमेरिका, कनाडा तथा भारत तक फैले संगठित अपराध नेटवर्क को संचालित करता रहा है। एफबीआई ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े अपराध सिंडिकेट के खिलाफ बड़े स्तर पर 'ऑपरेशन हार्ड बाल' शुरू किया है। इस अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में करीब 50 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई में कम से कम 20 संदिग्धों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, जबकि कई ठिकानों से हथियार, प्रतिबंधित सामान और भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है।
हत्या की साजिश से लेकर ड्रग तस्करी तक के आरोप
एफबीआई के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर कई गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। इनमें राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की हत्या की साजिश, गोलीबारी और हत्या की घटनाएं, अपहरण और रंगदारी वसूली, हथियारों की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी, संगठित अपराध नेटवर्क का संचालन शामिल हैं। एजेंसी का दावा है कि गोल्डी बराड़ अमेरिका में रहते हुए इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था और विभिन्न देशों में मौजूद गैंग के सदस्यों के जरिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिला रहा था।
अमेरिकी अदालत से जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
एफबीआई के मुताबिक, 1 जुलाई को अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत ने गोल्डी बराड़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उस पर लगाए गए प्रमुख आरोपों में RICO (Racketeer Influenced and Corrupt Organizations Act) के तहत संगठित अपराध, रंगदारी की साजिश, ड्रग तस्करी की साजिश, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप शामिल हैं।
कैलिफोर्निया से जुड़े बताए गए ठिकाने
एफबीआई का कहना है कि गोल्डी बराड़ के संबंध अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो और फ्रेस्नो शहरों से रहे हैं। इसके अलावा उसके कनाडा, भारत और मेक्सिको में भी कथित संपर्क होने की बात जांच एजेंसी ने कही है। एजेंसी ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार कोई भी सूचना हो तो वह तुरंत एफबीआई को उपलब्ध कराए। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भरोसा भी दिया गया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के वैश्विक नेटवर्क पर फोकस
एफबीआई के अनुसार, ऑपरेशन हार्ड बॉल में केवल गोल्डी बराड़ ही नहीं बल्कि जग्गू भगवानपुरिया समेत लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कई नेटवर्क को निशाना बनाया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि भारत से फरार कई गैंगस्टर अमेरिका, कनाडा और यूरोप में अवैध रूप से रहकर न केवल भारत में रंगदारी, हत्या और अन्य अपराधों का संचालन कर रहे हैं, बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय को भी धमकाकर उगाही कर रहे हैं।
कनाडा पहले ही ले चुका है बड़ा फैसला
कनाडा सरकार पिछले वर्ष लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है। वहीं भारतीय एजेंसियां भी समय-समय पर यह दावा करती रही हैं कि गैंग का नेटवर्क उत्तर अमेरिका और यूरोप तक फैला हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग के कई सदस्य विदेशों में बैठकर सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और हवाला नेटवर्क के जरिए भारत में आपराधिक गतिविधियों का संचालन करते हैं।
अनमोल बिश्नोई को लेकर भी रहे हैं आरोप
लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई पर भी भारत की जांच एजेंसियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय तक अमेरिका में छिपा रहा और आरोप है कि वहीं से उसने मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश तथा अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग जैसी घटनाओं का संचालन किया। बाद में उसे भारत लाया गया।
एफबीआई का अभियान अभी जारी
एफबीआई ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन हार्ड बॉल अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में इस अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि गोल्डी बराड़ और अन्य आरोपियों पर लगाए गए सभी आरोप फिलहाल जांच एजेंसियों के दावे हैं। जब तक अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक उन्हें कानून की नजर में निर्दोष माना जाएगा।