खाकी के साए में खौफ, थाने के भीतर महिला सिपाही से ‘दोस्ती’ के नाम पर दबाव, दारोगा पर गंभीर आरोप
आगरा। शहर के एक प्रमुख सर्किल के अंतर्गत आने वाले बेहद अहम थाने से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां तैनात एक महिला सिपाही अपने ही साथी दारोगा की कथित हरकतों से इस कदर परेशान हो गई कि उसे थाने के भीतर ही खुद को असुरक्षित महसूस होने लगा।
आगरा। शहर के एक प्रमुख सर्किल के अंतर्गत आने वाले बेहद अहम थाने से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां तैनात एक महिला सिपाही अपने ही साथी दारोगा की कथित हरकतों से इस कदर परेशान हो गई कि उसे थाने के भीतर ही खुद को असुरक्षित महसूस होने लगा।
महिला सिपाही सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) का कार्य संभालती है। आरोप है कि संबंधित दारोगा काफी समय से उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए था—कब आती है, कहां जाती है, किससे बात करती है, हर जानकारी जुटाई जा रही थी। शुरुआत में इसे सामान्य व्यवहार समझकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन जल्द ही यह निगरानी दबाव और मानसिक उत्पीड़न में बदल गई।
महिला सिपाही का कहना है कि विरोध करने पर दारोगा ने ‘दोस्ती’ का प्रस्ताव रख दिया और साफ शब्दों में कहा कि “बात मान लोगी तो ड्यूटी आराम से चलेगी, वरना परेशानी बढ़ेगी।”
लगातार दबाव और धमकियों से मानसिक रूप से परेशान महिला ने आखिरकार इंस्पेक्टर को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। महिला का आरोप है कि दारोगा ने मना करने पर ड्यूटी में परेशान करने और नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी, जिससे उसका डर और बढ़ गया।
शिकायत के बाद इंस्पेक्टर ने दारोगा को तलब किया। सूत्रों के मुताबिक कभी फटकार लगाई गई, कभी समझाने की कोशिश हुई और यह चेतावनी दी गई कि मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो सख्त कार्रवाई तय है। इसके बाद दारोगा अचानक छुट्टी लेकर चला गया।
हालांकि, अंदरखाने चर्चा यह भी है कि प्रकरण को थाने स्तर पर ही दबाने की कोशिश की गई, लेकिन बात विभागीय गलियारों तक पहुंच चुकी है। कई पुलिसकर्मी इस घटना की पुष्टि कर रहे हैं और पूरा महकमा इसे लेकर खुसर-पुसर से भरा हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासन महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति जैसे अभियान चला रहा है, तब अगर थाने के भीतर ही महिला सिपाही खुद को असुरक्षित महसूस करे, तो यह व्यवस्था और अभियान की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सूत्र बताते हैं कि अब महिला सिपाही उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत देने की तैयारी में है। विभागीय स्तर पर इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।