आगरा में राष्ट्रीय महिला शूटर से दुष्कर्म व ब्लैकमेल, सेना में नौकरी का झांसा देकर बनाया शिकार
आगरा में एक राष्ट्रीय महिला शूटर ने सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। आरोपी संदीप कुमार उर्फ विराज ने देहरादून ले जाकर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर 5 लाख रुपये की मांग की। पीड़िता की शिकायत पर जगदीशपुरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
आगरा। आगरा में एक राष्ट्रीय स्तर की महिला शूटर के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवती को अपने जाल में फंसाया और बाद में देहरादून ले जाकर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया।
सेना में भर्ती का सपना दिखाकर किया शोषण
पीड़िता राष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। सेना में नौकरी पाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात संदीप कुमार उर्फ विराज से हुई। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली संपर्कों वाला बताते हुए सेना में भर्ती कराने का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेकर वह उसे देहरादून ले गया।
नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि देहरादून में आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ खिलाया, जिससे वह अचेत हो गई। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक वीडियो व फोटो बना लिए। होश में आने के बाद जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
5 लाख रुपये की मांग
आरोप है कि आरोपी लंबे समय तक पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा और वीडियो-फोटो डिलीट करने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की। मानसिक दबाव और सामाजिक बदनामी के डर से पीड़िता काफी समय तक चुप रही, लेकिन आखिरकार उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई।
जगदीशपुरा थाने में मुकदमा, आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता ने आगरा के जगदीशपुरा थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी संदीप कुमार उर्फ विराज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। लोहामंडी एसीपी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया है। जरूरत पड़ने पर आईटी एक्ट समेत अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़िता को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।