आगरा में खजान आईएएस कोचिंग सेंटर संचालक पर महिला शिक्षक ने लगाए उत्पीड़न के गंभीर आरोप, मुकदमा दर्ज
आगरा के खजान आईएएस कोचिंग सेंटर के संचालक पर एक महिला शिक्षक ने गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि कोचिंग में पढ़ाने के दौरान संचालक ने अभद्र व्यवहार किया, गलत तरीके से छूने की कोशिश की और अकेले मिलने का दबाव बनाया। विरोध करने पर अनुचित प्रस्ताव देने का भी आरोप है। नौकरी छोड़ने के बाद बकाया वेतन मांगने पर टालमटोल की गई और 2 दिसंबर 2025 को पैसे देने के बहाने बुलाकर फिर से अभद्रता की गई। पीड़िता की तहरीर पर थाना न्यू आगरा में नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आगरा। शहर के एक चर्चित कोचिंग संस्थान खजान आईएएस कोचिंग सेंटर के संचालक पर एक महिला शिक्षक ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर थाना न्यू आगरा में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता महिला शिक्षक ने अपनी तहरीर में बताया कि वह 24 सितंबर 2025 से 19 नवंबर 2025 तक खजान IAS कोचिंग सेंटर में शिक्षण सेवा दे रही थीं। इस दौरान कोचिंग संचालक खजान सिंह लगातार उनके साथ अभद्र व्यवहार करता रहा।
महिला शिक्षक का आरोप है कि संचालक न केवल उनसे अनुचित तरीके से बात करता था, बल्कि कई बार गलत तरीके से छूने की कोशिश भी करता था। इसके अलावा वह उन पर अकेले मिलने का दबाव बनाता था। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि संचालक ने उन्हें अनुचित प्रस्ताव भी दिए।
पीड़िता का कहना है कि लगातार हो रहे इस उत्पीड़न से मानसिक रूप से परेशान होकर उन्हें अंततः अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी। नौकरी छोड़ने के बाद जब उन्होंने अपना बकाया वेतन मांगा, तो संचालक कई दिनों तक उन्हें टालता रहा।
आरोप है कि 2 दिसंबर 2025 को संचालक ने बकाया भुगतान देने के बहाने उन्हें बुलाया। पीड़िता का कहना है कि वहां पहुंचने पर एक बार फिर उसके साथ अभद्रता की गई। इस घटना के बाद वह बुरी तरह डर गईं और खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए सीधे थाना न्यू आगरा पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे मामले की लिखित तहरीर दी।
पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने खजान सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कानूनन गंभीर मामला है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है।