भोले बाबा पार्क में श्रीमद भागवत कथा का पांचवां दिन भक्ति, संरक्षण संदेश और लीलाओं के रंग में रमा
आगरा। कमला नगर स्थित भोले बाबा पार्क में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के पंचम दिवस की कहानी में कथा व्यास आचार्य ब्रजकिशोर वशिष्ठ ‘भैया जी’ ने गोवर्धन लीला, गौ–सेवा और अन्नकूट महोत्सव के आध्यात्मिक रहस्य उजागर किए। कथा स्थल भक्तिभाव, प्रकृति संरक्षण के संदेश और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से सराबोर रहा।
आचार्य भैया जी ने कहा कि गोवर्धन लीला केवल दिव्य चमत्कार नहीं, बल्कि प्रकृति–आधारित जीवन पद्धति का शाश्वत मन्त्र है, जो पर्वत, वन और जल स्रोतों जैसे प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि कृष्ण द्वारा इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पूजन की परंपरा प्रारंभ करना इस बात का संकेत है कि मानव और प्रकृति का बंधन ही वास्तविक समृद्धि का आधार है।
कथाव्यास ने श्रीकृष्ण की नटखट बाल लीलाओं—माखन चोरी, गोपालों संग क्रीड़ा, गायों के प्रति वात्सल्य का मधुर वर्णन कर वातावरण को कृष्णमय कर दिया। उन्होंने छप्पन भोग की परंपरा को प्रेम, कृतज्ञता और अन्न–सम्मान का अद्वितीय प्रतीक बताया।
कथा के दौरान भक्तों ने परंपरागत गोवर्धन महाराज स्थापना, परिक्रमा और गौ–पूजन किया। गिरिराजधरण की जय और “गोवर्धन महाराज की जय” के जयघोषों से पंडाल गूंज उठा। इसके पश्चात अन्नकूट महोत्सव में सुसज्जित विविध व्यंजनों की प्रसादी वितरित की गई।
श्रीकृष्ण स्वरूप द्वारा प्रस्तुत गोवर्धन लीला का मनोहारी मंचन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति–रस से भर दिया।
व्यास पूजन मुख्य यजमान श्री कृष्णा मिश्रा, दैनिक यजमान डॉ. जीएस जैन, देवेंद्र शर्मा, लोकेश गर्ग, राजू गुप्ता, रवि अग्रवाल, राजीव शर्मा, मुकेश अग्रवाल ने सपत्नीक किया। व्यवस्थापन में योगेश जैसवाल, प्रियंका मिश्रा, राधा शर्मा, राजेश्वरी शर्मा, रजनी अग्रवाल, प्रीति गुप्ता, नीरज जैसवाल आदि की सहभागिता रही।