खेरिया एयरपोर्ट उड़ाने की धमकी के 23 दिन बाद एफआईआर, ये कछुआ चाल क्यों?
आगरा। एक ई-मेल के ज़रिए आगरा के खेरिया एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने वाले की तलाश में पुलिस की साइबर सैल जुट गई है। हालांकि सवाल उठता है कि मेल मिलने के 23 दिन तक सीआईएसएफ एफआईआर दर्ज कराने का इंतज़ार क्यों करती रही, जबकि गृह मंत्रालय को तुरंत सूचित कर दिया गया था।
इधर गृह मंत्रालय से लेकर सीआईएसएफ भी लगातार इस पर नज़र बनाए हुए हुए हैं। देर रात सीआईएसएफ के उप निरीक्षक अनूप कुमार गुप्ता ने थाना शाहगंज में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
मामला चार अक्तूबर का बताया गया है। रिपोर्ट में लिखा है कि चार अक्तूबर को दोपहर में मेल के ज़रिए एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी मिली थी। सीआईएसएफ ने इसकी जानकारी गृह मंत्रालय को तुरंत दे दी थी। लगता है 23 दिन तक मामले को न तो सीआईएसएफ और न ही गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया। लगता है चार-पांच दिन पहले सीआईएसएफ के दिल्ली स्थित भवन के पास हुए विस्फोट के बाद दोनों ही सक्रिय हुए हैं।
पुलिस ने धमकी और आईटी एक्ट की धारा में केस दर्ज किया है। साइबर सेल की टीम मेल भेजने वाले के बारे में जानकारी में जुटी हुई है।
निजी डोमेन से बनाई गई आईडी जनरल शिवा.76 से धमकी भरा मेल भेजा गया था। मेल भेजने वाले ने खुद को कई देशों से लड़ने वाला संगठन बताकर एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी दी है। बताया जा रहा है कि इसी तरह की धमकी चार अक्टूबर को 100 से अधिक स्थानों के लिए अलग-अलग भेजी गई थी।
सूत्रों का कहना है कि सीआईएसएफ ने सुरक्षा कारणों से पहले आंतरिक जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया। सब कुछ सही मिलने के बाद अब मुकदमे की कार्रवाई की गई है।
इंस्पेक्टर शाहगंज कुशल पाल ने बताया है कि मेल आईडी की जानकारी साइबर सेल को दे दी गई है। साइबर सेल जांच में जुटी हुई है।