आगरा में नालंदा पर एक करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप की एफआईआर दर्ज, बिल्डर ने आरोप नकारे

आगरा। ताजमहल की नगरी में रियल एस्टेट सेक्टर के नाम पर निवेशकों के साथ हो रहे कथित धोखे का एक मामला सामने आया है। संतोष कुमार पाण्डेय, निवासी ओल्ड सिद्धार्थ अपार्टमेंट, बाईपास रोड, ने नालंदा बिल्डर्स पर एक करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है।

Oct 11, 2025 - 13:34
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आगरा में नालंदा पर एक करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप की एफआईआर दर्ज, बिल्डर ने आरोप नकारे

2012 से बुना गया भरोसे का जाल

संतोष पाण्डेय का कहना है कि उसने प्लॊट के लिए किश्तों में करीब 1 करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए। साल दर साल बीतते गए, लेकिन न तो फ्लैट मिला और न ही पैसे लौटाए गए। जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो बिल्डर लगातार बहाने बनाता रहा।

फर्जी स्टाम्प पेपर से बचने की चाल

मार्च 2023 में बिल्डर ने 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर समझौता करते हुए 75 लाख रुपये लौटाने की बात लिखी थी। उसने पहले हफ्ते में 5 लाख और दो माह में 40 लाख देने का वादा किया। परंतु बाद में एक और फर्जी दस्तावेज़ तैयार किया, जिसमें यह दिखाया गया कि उसने पैसा चुका दिया है।

पीड़ित संतोष पाण्डेय ने बताया कि दूसरे स्टाम्प पेपर पर मेरे नकली हस्ताक्षर कराकर बिल्डर ने यह दिखाने की कोशिश की कि उसने भुगतान कर दिया, जबकि यह पूरी तरह जालसाजी है।

पुलिस जांच में जुटी, फोरेंसिक होगी मददगार

हरीपर्वत थाने की पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जालसाजी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ों की फोरेंसिक जांच और बैंक लेन-देन की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बिल्डर की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।

इधर इस मामले में नालंदा बिल्डर्स की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह समझौते के अनुसार पूरा पैसा अदा कर चुके हैं। अब उन्हें परेशान करने के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस की जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा। Top of Form

SP_Singh AURGURU Editor