ताजनगरी आगरा में कोहरे का पहला कहर, घने धुंध में गायब ताजमहल, दिन में रात जैसे हालात
आगरा। ताजनगरी आगरा में सोमवार को इस सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला। रविवार रात करीब 10 बजे से ही मौसम ने करवट ले ली और हल्का कोहरा छाने लगा, जो देर रात और तड़के सुबह तक तेज और घना होता चला गया। सुबह होते-होते आगरा पूरी तरह कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। नमी बढ़ने और तापमान में गिरावट के चलते ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।
सुबह-सुबह शून्य दृश्यता, रेल और सड़क यातायात प्रभावित
आगरा। ताजनगरी आगरा में सोमवार को इस सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला। रविवार रात करीब 10 बजे से ही मौसम ने करवट ले ली और हल्का कोहरा छाने लगा, जो देर रात और तड़के सुबह तक तेज और घना होता चला गया। सुबह होते-होते आगरा पूरी तरह कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। नमी बढ़ने और तापमान में गिरावट के चलते ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर विश्व धरोहर ताजमहल पर देखने को मिला। सुबह की पहली किरणों में ताजमहल का दीदार करने पहुंचे सैलानी मायूस नजर आए। रॉयल गेट और मेहताब बाग से ताजमहल का मुख्य गुंबद तक दिखाई नहीं पड़ा। कई पर्यटक घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन कोहरा नहीं छंटा, जिससे उन्हें बिना दर्शन के लौटना पड़ा। आम दिनों में जहां सुबह की धूप ताज की खूबसूरती बढ़ा देती है, वहीं आज सूरज के दर्शन तक नहीं हो सके।
शहर की सड़कों पर भी कोहरे का व्यापक असर रहा। एमजी रोड, फतेहाबाद रोड, यमुना किनारा मार्ग समेत प्रमुख इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही। वाहन चालकों को हेडलाइट, इंडिकेटर और फॉग लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ा। कई जगहों पर हालात ऐसे रहे कि दिन में रात जैसी स्थिति महसूस हुई।
हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर हालात और भी चुनौतीपूर्ण रहे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस-वे पर दृश्यता कई स्थानों पर लगभग शून्य रही, जिससे वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। एक्सप्रेस-वे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को ओवरस्पीड से बचने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और डिपर के सीमित इस्तेमाल की सलाह दी। राहत की बात यह रही कि किसी बड़े सड़क हादसे की सूचना नहीं मिली।
घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा। शताब्दी, वंदे भारत सहित कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलती रहीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में सुबह और देर शाम को कोहरा बना रह सकता है। तापमान में और गिरावट आने से ठंड का असर तेज होने की संभावना है। ऐसे में सुबह के समय यात्रा करने वालों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।