आगरा में मिला जनता का भूला पैसा, 7.82 लाख खातों के ₹240 करोड़ पर शुरू हुआ बड़ा अभियान
आगरा। डीएफएस, वित्त मंत्रालय भारत सरकार और आरबीआई के निर्देश पर आज मंडलायुक्त सभागार में दावा रहित जमा समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर केनरा बैंक के ऋषिकेश बनर्जी ने किया। शिविर में 174 खाताधारकों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण किया गया और कुल ₹1.33 करोड़ उनके खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
आगरा। डीएफएस, वित्त मंत्रालय भारत सरकार और आरबीआई के निर्देश पर आज मंडलायुक्त सभागार में दावा रहित जमा समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर केनरा बैंक के ऋषिकेश बनर्जी ने किया। शिविर में 174 खाताधारकों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण किया गया और कुल ₹1.33 करोड़ उनके खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
शिविर में सभी प्रमुख बैंकों, एलआईसी, एनपीएस और अन्य वित्तीय संस्थाओं के समाधान स्टॉल लगाए गए। साथ ही दावा रहित राशि, उसकी पहचान और दावा प्रक्रिया को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित हुआ। सत्र में बताया गया कि लाखों लोग यह नहीं जानते कि उनके बैंक खाते,एलआईसी पॉलिसियां, म्यूचुअल फंड, शेयरों से मिलने वाला लाभांश या एनपीएस योगदान दावा-रहित घोषित होकर आरबीआई में जमा है। इसलिए ऐसे शिविर लोगों को अपने धन को पुनः प्राप्त करने में मदद करते हैं।
एलडीएम ऋषिकेश बनर्जी के अनुसार जनपद के पिछले 10 वर्षों से निष्क्रिय चल रहे 7.82 लाख खातों में कुल
₹240.86 करोड़ की राशि जमा है, जिसके निस्तारण की प्रक्रिया इस शिविर में बताई गई।
कौन-कौन से बैंक शामिल रहे
आगरा के कुल 22 राष्ट्रीयकृत बैंक, जिनमें शामिल हैं एसबीआई, पीएनबी, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक सहित अन्य बैंकों के स्टॉल भी लगाए गए। यह अभियान 25 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा।
खाताधारक ऐसे प्राप्त कर सकते हैं अपना पैसा
एलडीएम बनर्जी ने प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि खाताधारक अपनी बैंक शाखा से संपर्क करें, बैंक प्रतिनिधि डेफ क्लेम फॉर्म देंगे, आरबीआई पोर्टल पर आपके खाते की स्थिति चेक की जाएगी, पोर्टल में नाम मिलने पर फॉर्म भरना होगा, आवश्यक दस्तावेज आधार, पैन, वोटर आईडी, पासपोर्ट साइज फोटो, पासबुक की कॉपी
जमा करने होंगे। फॉर्म व दस्तावेज बैंक प्रतिनिधि आरबीआई मुख्यालय भेजेंगे। 10–15 दिन में दावा-रहित राशि संबंधित व्यक्ति के खाते में वापस भेज दी जाएगी।