आगरा में क्षेत्र सभाओं का गठन करें, रिवर कनेक्टर कैंपेन ने मेयर और नगरायुक्त को लिखा पत्र
आगरा। देश की विरासत नगरी आगरा में नागरिकों की भागीदारी से शासन को और अधिक पारदर्शी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मांग उठी है। रिवर कनेक्ट कैंपेन के प्रतिनिधि ब्रज खंडेलवाल ने आगरा की महापौर और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर 74वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत क्षेत्र सभाओं के गठन की मांग की है। यह मांग न केवल स्थानीय लोकतंत्र को मजबूती देने की दिशा में है, बल्कि ताजमहल संरक्षण, यमुना स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसे जमीनी मुद्दों को हल करने की नागरिक कोशिश भी है।
3 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगमों में अनिवार्य है वार्ड समितियां
पत्र में बताया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243S के अनुसार, 3 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर निकायों में वार्ड समितियां बनाना आवश्यक है। आगरा शहर इसके दायरे में आता है। क्षेत्र सभाएं, जो मतदान केंद्र स्तर पर पंजीकृत मतदाताओं से बनी होती हैं, नागरिकों को स्थानीय निर्णय प्रक्रिया में सीधे जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
क्षेत्र सभाएं होंगी समस्याओं का स्थानीय समाधान
ब्रज खंडेलवाल ने आगरा की विशिष्ट शहरी चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया- जैसे ताजमहल क्षेत्र में अवैध निर्माण, यमुना की सफाई, झुग्गी बस्तियों का सुधार और कचरा प्रबंधन। उन्होंने कहा कि क्षेत्र सभाओं के माध्यम से नागरिक न केवल स्थानीय योजनाओं में भागीदार बन सकते हैं, बल्कि बजट सुझाव देने, कार्यों की निगरानी और सामाजिक अंकेक्षण जैसे अधिकारों के जरिए जवाबदेही भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
समावेशिता और जागरूकता अभियान की भी मांग
पत्र में यह भी कहा गया है कि अनुच्छेद 243T की भावना के अनुरूप क्षेत्र सभाओं में महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अल्पसंख्यकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, ताजगंज, छत्ता और लोहामंडी जैसे क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को इन सभाओं के महत्व के बारे में बताया जाए।
तमिलनाडु मॉडल से सीखने का सुझाव
खुले पत्र में आगरा नगर निगम से अनुरोध किया गया है कि वह तमिलनाडु में सफलतापूर्वक संचालित हो रही क्षेत्र सभाओं से प्रेरणा लेकर स्थानीय स्तर पर नियमावली तैयार करे और जल्द से जल्द इनका गठन कर नागरिक शासन को व्यवहार में लाए।
ब्रज खंडेलवाल ने अंत में आगरा नगर निगम प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह क्षेत्र सभाओं के गठन की योजना और समयसीमा सार्वजनिक करे, ताकि शहर एक स्वच्छ, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित मॉडल की ओर बढ़ सके।