निवेश के नाम पर ठगी का खेल, मेडिकल सेंटर के नाम पर 25 लाख हड़पकर फरार हुआ परिवार
आगरा। आगरा में एक मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर में निवेश के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर थाना सिकंदरा पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रकम हड़पने और रातों-रात शहर से फरार होने का आरोप है।
आगरा। आगरा में एक मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर में निवेश के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर थाना सिकंदरा पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रकम हड़पने और रातों-रात शहर से फरार होने का आरोप है।
ऊचे मुनाफे का लालच देकर ठगी
पीड़ित मिश्रीलाल राजपूत, निवासी कलाल खेड़िया (ताजगंज) ने बताया कि उनकी मुलाकात अंकुश श्रीवास्तव, उनकी पत्नी प्रियंका श्रीवास्तव और पिता प्रमोद कुमार श्रीवास्तव से हुई थी। तीनों ने खुद को ‘मै. एलीमेंट डायग्नोसिस प्रा. लि.’ (मौजा ककरैठा) का संचालक बताया और दावा किया कि उनकी फर्म में सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे और पैथोलॉजी जैसी आधुनिक मशीनें लगी हैं, जिनमें निवेश पर ऊँचा मुनाफा मिलेगा। पीड़ित ने उनके झांसे में आकर ₹25 लाख का निवेश किया। इस निवेश के एवज में प्रियंका श्रीवास्तव ने लिखित अनुबंध किया और मिश्रीलाल को कंपनी के डायरेक्टर बोर्ड में शामिल करने का वादा भी किया।
रकम मांगी तो गायब हुए आरोपी
कुछ महीनों बाद जब मिश्रीलाल ने लाभांश और मूलधन की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इसके बाद बिना उनकी अनुमति के, जबकि वे कंपनी के डायरेक्टर बोर्ड सदस्य थे, आरोपियों ने पूरी फर्म किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर दी। फिर परिवार के तीनों सदस्य रातों-रात आगरा से फरार हो गए।
कई शहरों में सक्रिय ठग गिरोह
पीड़ित के अनुसार यह परिवार आपराधिक प्रवृत्ति का है और इससे पहले भी कई शहरों में निवेशकों से ठगी कर चुका है। उनके खिलाफ अन्य जनपदों में भी धोखाधड़ी से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई एफआइआर
लंबे इंतजार और सबूतों की जांच के बाद न्यायालय के आदेश पर थाना सिकंदरा पुलिस ने अंकुश श्रीवास्तव, प्रियंका श्रीवास्तव और प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।