आगरा में नौकरी का झांसा देकर सात लाख की ठगी: एसटीएफ ने गिरोह के पांच सदस्य दबोचे
आगरा। एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौकरी लगवाने के नाम पर युवाओं से करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो सीओडी और एसएससी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उम्मीदवारों को फंसाते थे। गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ को आरोपियों के पास से फर्जी मार्कशीट, आधार कार्ड, मोहर लगे प्रवेश पत्र और सीओडी आगरा की नकली मोहर भी बरामद हुई है।
एसटीएफ आगरा यूनिट को सूचना मिली थी कि न्यू आगरा क्षेत्र में सक्रिय गिरोह बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा है। गैंग अब तक कई युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ चुका था और हाल ही में एक पीड़ित से 7 लाख रुपये हड़पने की शिकायत सामने आई थी।
सूचना पर एसटीएफ इंस्पेक्टर यतेंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम ने अबुल उलाह दरगाह के पास छापेमारी कर गैंग के पांच सदस्यों, धर्मवीर सिंह उर्फ धर्मा, देवेंद्र सिंह (निवासी फतेहाबाद), अनूप, हरेश पाठक और पारस चाहर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सीओडी में निकलने वाली नौकरियों का झांसा देकर ग्रामीण युवाओं को फंसाते थे। परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर चयन कराते और जिनकी नौकरी नहीं लग पाती थी, उनके दस्तावेजों में हेरफेर कर नकली नियुक्ति पत्र थमा देते थे।
अगर कोई अभ्यर्थी रुपये वापस मांगता था तो गिरोह उसके मूल दस्तावेज रोककर दबाव बनाता और रकम हड़प लेता। अनूप, हरेश और पारस का काम युवकों को जाल में फंसाकर लाना था, जबकि प्रेम चंद्र नामक आरोपी सॉल्वर बैठाने का जिम्मेदार था।
गिरोह के कब्जे से एसटीएफ ने सीओडी आगरा की नकली मोहर, कई फर्जी प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और मार्कशीट बरामद कीं। गिरफ्तार पांचों आरोपियों के खिलाफ थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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