जालसाजों ने दिहाड़ी मजदूर के नाम से फर्म खोल 2.32 अरब का लेन-देन कर डाला
बरेली। तीन जालसाजों ने दिहाड़ी मजदूरी पर काम करने वाले एक जरी कारीगर को नौकरी लगवाने के नाम पर उसके निजी डाक्यूमेंट लिए और इन्हीं डॉक्यूमेंट्स से फर्म बनाकर 2.32 अरब रुपये का लेन-देन कर लिया। कारीगर के उस समय होश उड़ गए जब बीती फरवरी में उसके पास 114 करोड़ रुपये टैक्स जमा करने का नोटिस आयकर विभाग ने भेजा।
जरी कारीगर ने इस धोखाधड़ी की शिकायत की तो आरोपितों ने टैक्स जमा करने का आश्वासन दे दिया, मगर बाद में मुकर गए। जब आयकर विभाग का दबाव ज्यादा बढ़ा तो पीड़ित फूल मियां ने गुड्डू, सुहैल और आरिफ के विरुद्ध धोखाधड़ी, ठगी और निजी डाक्यूमेंट का गलत उपयोग की धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत करा दी।
एसपी सिटी मानुष पारिक ने बताया कि फूल मियां गरीब व्यक्ति है।दिहाड़ी मजदूरी पर जरी का काम करता है। उसके नाम से फर्म बनाकर दो अरब रुपये से ज्यादा का टर्नओवर किया गया है।शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ थाना किला में प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गई है।नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इस संबंध में आयकर विभाग से भी जानकारी प्राप्त की जाएगी।
थाना किला निवासी फूल मियां ने बताया कि जरी-जरदोजी के आर्डर पूरे करने के लिए लुधियाना, पंजाब आदि स्थानों पर भी चले जाते थे। इस कार्य में प्रगति नहीं मिलने पर वर्ष 2018 में मुहल्ले में रहने वाले गुड्डू उर्फ उवैश से नौकरी लगवाने को कहा। वह तीन-चार बार दुबई होकर आया था। उसका दोस्त सुहैल उर्फ नन्हें और आसिफ खान ने दुबई में नौकरी लगवाने के लिए उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, शैक्षणिक प्रमाणपत्र आदि सभी प्रमाण पत्र ले लिए। बाद में तीनों ने नौकरी के बारे में बात करना बंद कर दिया। उन्हीं डाक्यूमेंट से गुड्डू उर्फ उवैश, सुहैल उर्फ नन्हे व आसिफ खान ने दिल्ली में एक फर्म बनाई। उसके पास इनकम टैक्स का नोटिस आने पर इन तीनों के कारनामे की पोल खुली।
फूल मियां की पांच फरवरी 2024 को दिल्ली के इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिला कि उनकी कंपनी एचआइ क्लाउड इंपैक्स से 2.32 अरब रुपये का लेन-देन हुआ है। इसका इनकम टैक्स 114 करोड़ रुपये बन रहा,जो कि जमा करें। फूल मियाँ बोले, नोटिस देखकर शक हुआ तो गुड्डू और नन्हे से बात की। दोनों ने स्वीकारा कि उनके प्रपत्रों पर फर्म खोली थी। अब नोटिस आया है तो उसका समाधान तलाशा जाएगा। कई महीनों तक आरोपित प्रकरण निपटाने का झांसा देते रहे। इसके बाद धमकाने लगे। थाने में सुनवाई नहीं होने पर एसपी सिटी मानुष पारिक से शिकायत की। उनके निर्देश पर ही प्राथमिकी हो सकी।