अनंत से अरिहंत तक: आत्मा की दिव्य यात्रा ने जगाया चेतना का दीप, सूरसदन में गूंजा महावीर का मोक्ष संदेश
आगरा। भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्मकल्याणक पर आयोजित ‘अनंत से अरिहंत: आत्मा की यात्रा’ लाइट एंड साउंड शो ने न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि आत्मा के जागरण और मोक्ष मार्ग की अनुभूति भी कराई। प्रकाश, ध्वनि और भावपूर्ण अभिनय के अद्भुत संगम ने सूरसदन प्रेक्षागृह को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया, जहां हर क्षण जैन मंत्रों और प्रभु भक्ति की गूंज सुनाई दी।
सकल श्वेतांबर जैन श्री संघ के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य प्रस्तुति ने जैन धर्म के मूल सिद्धांत- अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और मोक्ष को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं जैन नवकार मंत्र के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी का जीवन सम्पूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ है। उनके सिद्धांत आज भी समाज को सही दिशा देने की क्षमता रखते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शारदा ग्रुप के उपाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र कुमार गुप्ता ने इस मंचन को आत्मचिंतन और आत्मजागरण का सशक्त माध्यम बताया।
पूर्व भवों से मोक्ष तक की जीवंत प्रस्तुति
मंचन को पांच प्रभावशाली एक्ट्स में विभाजित किया गया, जिसने दर्शकों को आत्मा की अनंत यात्रा से लेकर सिद्धत्व की प्राप्ति तक के प्रत्येक पड़ाव से जोड़े रखा।
प्रथम एक्ट में भगवान महावीर के 27 पूर्व भवों की कथा का मंचन हुआ, जिसमें दिखाया गया कि कैसे आत्मा अनेक जन्मों के तप और त्याग के माध्यम से अरिहंत बनने की ओर अग्रसर होती है।
द्वितीय एक्ट में जन्म और बाल्यकाल के दृश्य में माता त्रिशला के स्वप्न, दिव्य घटनाएं और बाल्यकाल की करुणा व निर्भयता के प्रसंगों ने दर्शकों का मन छू लिया।
तृतीय एक्ट में वैराग्य और दीक्षा का भावपूर्ण चित्रण किया गया, जहां राजसी वैभव का त्याग कर संन्यास मार्ग अपनाने का दृश्य “अहिंसा परमो धर्म:” के संदेश के साथ गूंजता रहा।
चतुर्थ एक्ट में कठोर तपस्या, उपसर्गों का सामना और केवलज्ञान की प्राप्ति का अत्यंत प्रभावशाली मंचन हुआ, जिसने संयम और आत्मबल की प्रेरणा दी।
पंचम एक्ट में अंतिम 72 घंटों की साधना, उपदेश और मोक्ष प्राप्ति का मार्मिक चित्रण कर आत्मा के सिद्धत्व की दिव्य अनुभूति को सजीव कर दिया गया।
समाज की एकजुटता और आस्था का अद्भुत संगम
समापन अवसर पर अखिल भारतीय जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप आगरा ताज के अध्यक्ष अमरलाल जैन एवं रुचिका जैन ने महावीर स्वामी के सिद्धांतों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
आभार व्यक्त करते हुए जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्री संघ के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने कहा कि इस आयोजन ने प्रभु महावीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
125 कलाकारों ने बांधा समां
इस भव्य प्रस्तुति में 125 से अधिक बच्चों, महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया, जिनके जीवंत अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंचन का निर्देशन दीपक एवं चंद्रशेखर ने किया, जबकि संचालन रीनेश मित्तल ने किया।
अतिथियों का स्वागत सुनील जैन, दुष्यंत जैन, संजय दुग्गड, निर्मल सकलेजा, अतिन छाजेड़ ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सोनी, सुभाष जैन, सुरेश जैन (हैप्पी भाई), अजय लालवानी, अशोक जैन ओसवाल, ओपी जिंदल, किशन अग्रवाल, रोहित जैन, शरद चौघड़िया, मुकेश जैन, हैप्पी जैन, रंजीत सिंह सुराना, संजय दुगड़, निखिल जैन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।