मां के गर्भ से किशोरावस्था तक: जटिल सर्जरी से मासूमों को नई ज़िंदगी मिल रही
आगरा। मां के गर्भ से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों में होने वाले गंभीर और जटिल रोगों की सर्जरी कर दर्द से राहत दिलाना और उनके चेहरों पर मुस्कान लौटते देखना ही सबसे बड़ी आत्मिक संतुष्टि है। यह कहना है वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राहुल देव शर्मा का, जो निरंतर कैंसर, सांस की नली, खाने की नली, आंतों, पेशाब की नली व थैली में रुकावट, तथा पीठ में गांठ जैसे जटिल रोगों की सफल सर्जरी कर रहे हैं।
विश्व पीडियाट्रिक सर्जरी डे (बाल चिकित्सा सर्जरी दिवस) के अवसर पर डॉ. राहुल देव शर्मा ने देव चाइल्ड केयर, देवी राम फूड सर्किल के निकट, सिकंदरा–बोदला रोड पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर में मरीजों एवं तीमारदारों को पीडियाट्रिक सर्जरी और पीडियाट्रिक यूरोलॉजी के महत्व से अवगत कराया गया।
डॉ. राहुल देव शर्मा ने इस वर्ष की थीम- “हर बच्चे के लिए सुरक्षित सर्जरी – बाल रोग विशेषज्ञ इसे संभव बनाते हैं” पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस दिवस का उद्देश्य बच्चों के लिए सर्जरी की आवश्यकता, विशेषज्ञता और सुरक्षित उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि समय पर विशेषज्ञ पीडियाट्रिक सर्जन से परामर्श लेने से जटिल रोगों में भी उत्कृष्ट परिणाम मिलते हैं और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राहुल देव शर्मा के अनुसार बच्चों के हर तरह के जटिल रोगों की सफल सर्जरी की जा रही है। इस मौके पर मरीजों और तीमारदारों ने अपने अनुभव भी साझा किए।