पालीवाल पार्क से संजय पार्क तक अव्यवस्थाओं का अंबार: शौचालय संकट, गंदगी, सड़क पर निर्माण सामग्री, इसके बाद भी प्रशासन की चुप्पी पर बढ़ रहा जनाक्रोश

आगरा। शहर के प्रमुख हरित स्थलों पालीवाल पार्क और संजय पार्क की बदहाल स्थिति को लेकर नागरिकों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों ने शौचालयों की कमी, सफाई व्यवस्था की बदहाली, कर्मचारियों की जवाबदेही का अभाव, निर्माण सामग्री और मशीनों से सड़कों पर अवरोध, तथा ठेकेदार द्वारा पार्क क्षेत्र में अवैध कब्जे जैसे गंभीर मुद्दों को उठाते हुए नगर निगम, जिला प्रशासन और उद्यान विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो इन महत्वपूर्ण हरित स्थलों की उपयोगिता और अस्तित्व दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।

Apr 3, 2026 - 18:11
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पालीवाल पार्क से संजय पार्क तक अव्यवस्थाओं का अंबार: शौचालय संकट, गंदगी, सड़क पर निर्माण सामग्री, इसके बाद भी प्रशासन की चुप्पी पर बढ़ रहा जनाक्रोश
पालीवाल पार्क की सड़कों पर पड़ी यह निर्माण सामग्री आखिर कब तक पड़ी रहेगी। पिछले छह माह हो चुके हैं, लेकिन इसका उपयोग नहीं हो रहा।

शौचालय संकट से परेशान मॉर्निंग वॉकर्स, स्वास्थ्य पर खतरा

पालीवाल पार्क में प्रतिदिन सैकड़ों लोग मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या मधुमेह (डायबिटीज़) से पीड़ित लोगों की है। लेकिन स्वच्छ और पर्याप्त शौचालयों की कमी के चलते लोग पानी पीने से भी बचने लगे हैं। इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और कई लोग पार्क आना ही छोड़ने लगे हैं।

कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल, पारदर्शिता की मांग

नागरिकों ने सुझाव दिया है कि पार्क में कार्यरत स्थाई और अस्थाई कर्मचारियों के नाम और फोटो मुख्य द्वार पर प्रदर्शित किए जाएं तथा सभी के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आए।

लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि राजकीय उद्यान अधीक्षक प्रत्येक माह प्रातःकाल पार्क में उपस्थित होकर आम नागरिकों से सीधे संवाद करें और उनकी समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

संजय पार्क भी उपेक्षा का शिकार, पौधशाला शुरू करने की मांग

संजय प्लेस स्थित संजय पार्क की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। नागरिकों ने बंद पड़ी राजकीय पौधशाला को पुनः शुरू करने की मांग की है, ताकि हरियाली को बढ़ावा मिल सके और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले।

निर्माण सामग्री और मशीनों से सड़क पर कब्जा, नियमों की अनदेखी

पर्यावरण प्रहरी प्रदीप खंडेलवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पालीवाल पार्क के आसपास पिछले 6-7 महीनों से निर्माण सामग्री बिना ढंके सड़कों पर पड़ी है और भारी मशीनरी सड़क पर खड़ी कर अवरोध पैदा किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही नियम आम नागरिकों पर भी लागू होते हैं, जहां छोटे निर्माण पर तुरंत कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाता है।

ठेकेदार पर संरक्षण का आरोप, पार्क में झोपड़ियां बनाकर रह रही लेबर

प्रदीप खंडेलवाल के अनुसार, निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार की लेबर पिछले 6 महीनों से छोटे तिकोनिया पार्क को पूरी तरह ध्वस्त कर वहां झोपड़ियां बनाकर रह रही है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर नगर निगम और उद्यान विभाग ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे।

उन्होंने आगरा मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, उप निदेशक उद्यान, राजकीय उद्यान अधीक्षक और पालीवाल पार्क इंचार्ज से जवाब मांगते हुए कहा कि यदि पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन नहीं कर सकते तो कम से कम उसका विनाश तो न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस लापरवाही से पालीवाल पार्क हरियाली विहीन होकर धूल और प्रदूषण का केंद्र बन जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor