कानून के कक्ष से जमीन तक: विधि छात्रों ने जाना न्याय की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक स्वरूप
आगरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा द्वारा संचालित ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को विधि छात्रों के लिए एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण एवं संवाद सत्रों का आयोजन किया गया। इस शैक्षिक गतिविधि में छात्र-छात्राओं को किशोर न्याय बोर्ड, विधिक सहायता क्लिनिक, निरीक्षण गृह और शिशु गृह का भ्रमण कर उनके कार्य-तंत्र को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।
-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम में हुआ शैक्षिक भ्रमण एवं संवाद सत्र
विशेषज्ञों से सीखा कानून का व्यावहारिक पक्ष
शैक्षिक भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली को निकट से देखा। शोभा पोरवाल, अध्यक्षा, स्थायी लोक अदालत के कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। इस सत्र को प्राधिकरण द्वारा नियुक्त विधिक विशेषज्ञों ने संचालित किया, जिन्होंने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
भरण-पोषण कानून पर पैनल अधिवक्ता ने दिया व्यावहारिक ज्ञान
द्वितीय संवाद सत्र में पैनल अधिवक्ता आशीष कुमार द्वारा भरण-पोषण कानून पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने कानूनी धाराओं को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए, छात्रों को सामाजिक न्याय की व्याख्या भी दी।
प्राधिकरण सचिव डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी का मार्गदर्शन
पूरे इंटर्नशिप कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के निर्देशन में हो रहा है। उन्होंने छात्रों को व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से न्याय व्यवस्था के प्रति गहराई से परिचित कराने की प्रेरणा दी, जो कार्यक्रम की सफलता की प्रमुख कड़ी रही।
कार्यक्रम में श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा ने छात्रों को विधिक सेवा क्षेत्र में नैतिक मूल्य, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना के महत्व पर प्रेरक विचार दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षिक आयोजन छात्रों को केवल विधिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी भूमिका को भी स्पष्ट करते हैं।