एफएस ब्रांच का पानी नहरों के बजाय खारी नदी में व्यर्थ बहाया जा रहा
आगरा। आगरा में सिंचाई विभाग के अधिकारी आखिर किसे भुलावे में रखना चाहते हैं। इन दिनों फसलों की बुवाई चल रही है। खेतों में पलेवट आदि भी होनी थी। उधर एफएस ब्रांच में पानी छोड़ा भी जा चुका है, लेकिन इस मुख्य नहर का पानी किरावली क्षेत्र की किसी भी नदी में न देकर दौलताबाद एस्केप के जरिए खारी नदी में व्यर्थ बहाया जा रहा है।
एफएस ब्रांच में दौलताबाद गांव पर बंधा लगा दिया गया है। दूसरी ओर जोधपुर झाल से पानी को कीथम एस्केप में डाला जा रहा है। आज़ के दिन तक किरावली क्षेत्र में लोअर खंड आगरा की नहरों में पानी नहीं पहुंचा है।
पहुंचे भी कैसे, अभी तक तो इन नहरों की सफाई का दिखावा ही चल रहा है। एफएस ब्रांच की गोपऊ राजवाह को छोड़कर तहसील किरावली व तहसील खेरागढ़ की समस्त नहरें सूखी पड़ी हैं।
किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि तहसील सदर और फतेहाबाद की नहरों में नाममात्र का पानी है क्योंकि टर्मिनल रजवाह, आगरा रजवाह और सिकंदरा रजवाह पूर्ण क्षमता के सापेक्ष आधे से भी कम क्षमता से चल रहे हैं। सिंचाई विभाग की करनी से किसानों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
चौधरी दिलीप सिंह का कहना है कि जनपद आगरा की सदर, फतेहाबाद, किरावली और खेरागढ़ के किसान गेहूं की बुवाई के लिए अपने खेतों की पलेवट नहीं कर पाए हैं। आलू, सरसों और अन्य फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे।
बकौल दिलीप सिंह, ओखला बैराज पर 4800 क्यूसेक पानी उपलब्ध है, लेकिन आगरा नहर को 4000 क्यूसेक के सापेक्ष 1200 क्यूसेक से ही चलाया जा रहा है। यही नहीं, तहसील सदर, फतेहाबाद व किरावली की किसी भी नहर में सफाई का काम नहीं हुआ है।
जहां हुआ भी है तो वह मानकों के अनुसार नहीं है। जब इन नहरों में पानी छोड़ा जाएगा तो नहरें फूटेंगी और किसानों के खेत जलमग्न होंगे।