बीमा घोटाले का फरार आरोपी गिरफ्तार, ओटीपी और फर्जी खातों से की गई थी करोड़ों की हेराफेरी

आगरा के 3.60 करोड़ रुपये के बीमा घोटाले में थाना हरीपर्वत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार आरोपी सोमप्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को स्वामी धाम चौराहा, विधाता ग्रीन कॉलोनी, ग्वालियर रोड से पकड़ा गया। आरोप है कि बीमा कंपनी में नौकरी के दौरान ग्राहकों से OTP लेकर उनकी पर्सनल डिटेल्स बदली गईं और फर्जी दस्तावेजों व बैंक खातों के जरिए 3.60 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। इस मामले में निखिल गुप्ता और अमित शर्मा पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि नवनीत प्रभात सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

Mar 23, 2026 - 18:27
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बीमा घोटाले  का फरार आरोपी गिरफ्तार, ओटीपी और फर्जी खातों से की गई थी करोड़ों की हेराफेरी
गिरफ्तार आरोपी।

आगरा। आगरा में सामने आए 3.60 करोड़ रुपये के बड़े बीमा घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सोमप्रकाश शर्मा को आखिरकार थाना हरीपर्वत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को स्वामी धाम चौराहा, विधाता ग्रीन कॉलोनी, ग्वालियर रोड क्षेत्र से दबोचा गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2024 से लगातार वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इस कार्रवाई को इंस्पेक्टर क्राइम सतीश कुमार की टीम ने अंजाम दिया, जिसे इस मामले में अहम सफलता मानी जा रही है।

यह पूरा मामला एक बड़े बीमा फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा है, जिसमें बीमा कंपनी में नौकरी के दौरान ग्राहकों के साथ विश्वासघात कर सुनियोजित तरीके से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। आरोप है कि आरोपी और उसके साथियों ने ग्राहकों से ओटीपी हासिल कर उनकी पर्सनल डिटेल्स बदल दीं, जिसके बाद फर्जी दस्तावेजों और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से करीब 3.60 करोड़ रुपये का गबन किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह घोटाला बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। आरोपियों ने बीमा कंपनी के सिस्टम और ग्राहकों की जानकारी का दुरुपयोग करते हुए पहले खातों और प्रोफाइल की डिटेल्स बदलीं, फिर रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया।

इस मामले में पहले ही निखिल गुप्ता और अमित शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, एक अन्य आरोपी नवनीत प्रभात सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब फरार चल रहे प्रमुख आरोपियों में शामिल सोमप्रकाश शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।

बताया गया है कि इस मामले में वर्ष 2023 में थाना हरीपर्वत में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। सोमप्रकाश शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बीमा घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे, फर्जी खातों का नेटवर्क किसने तैयार किया, और रकम किन-किन माध्यमों से निकाली गई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इस हाई-प्रोफाइल बीमा घोटाले से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।