आगरा में सात दिन बहेगी भक्ति की गंगा, 27 सितंबर से श्रीमद्भागवत कथा
शास्त्रीपुरम के अमल गार्डन में 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक समन्वय सेवा समिति द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जाएगी। वृंदावन से आए भगवताचार्य नीरज नयन महाराज कथा का वाचन करेंगे। कलश यात्रा से आयोजन का शुभारंभ होगा और झूलन उत्सव, नौका विहार, नंद उत्सव, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग व रुक्मिणी विवाह जैसे कार्यक्रम होंगे। आयोजन में जरूरतमंद परिवारों की सेवा भी की जाएगी।
कलश यात्रा से होगा शुभारंभ, झूलन उत्सव से रुक्मिणी विवाह तक होंगे धार्मिक आयोजन, गोवर्धन पूजा और सुदामा चरित पर जरूरतमंद परिवारों की सेवा
आगरा। शास्त्रीपुरम स्थित अमल गार्डन में 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह सत्संग का भव्य आयोजन किया जाएगा। समन्वय सेवा समिति की ओर से आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन में श्रीधाम वृंदावन से पधार रहे भगवताचार्य नीरज नयन महाराज श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। कथा के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे सातों दिन कथा स्थल भक्ति, आध्यात्मिकता और उत्सव के रंग में सराबोर रहेगा।
रविवार को अमल गार्डन में आयोजित समिति की बैठक में पदाधिकारियों ने श्रीमद्भागवत कथा के पोस्टर का विमोचन कर आयोजन की रूपरेखा साझा की। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति के साथ-साथ सेवा, संस्कार, सदाचार और मानवता का संदेश दिया जाएगा। कथा संयोजक विराज गहराना और डॉ. विकास कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सात दिवसीय कथा में प्रतिदिन श्रीमद्भागवत के अलग-अलग प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं और धार्मिक प्रसंगों से जुड़े विशेष उत्सव भी आयोजित होंगे।
कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
आयोजन की शुरुआत 27 सितंबर को श्री सालासर बालाजी मंदिर से निकलने वाली कलश यात्रा से होगी। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई अमल गार्डन स्थित कथा स्थल पहुंचेगी। इसके बाद शाम को श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद 28 सितंबर को झूलन उत्सव, 29 सितंबर को नौका विहार उत्सव और 30 सितंबर को नंद उत्सव आयोजित किया जाएगा। वहीं 1 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। 2 अक्टूबर को रुक्मिणी विवाह का भव्य आयोजन होगा। कथा के अंतिम दिन 3 अक्टूबर को सुदामा चरित के प्रसंग के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन किया जाएगा।
कथा के साथ सेवा का भी संदेश
कार्यक्रम समन्वयक तुषार रंजन एवं अंजुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि आयोजन को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे सेवा कार्यों से भी जोड़ा गया है। उनका कहना है कि श्रीमद्भागवत का संदेश समाज में भक्ति के साथ सेवा, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत करना है। गोवर्धन पूजा के दिन पांच असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराकर सेवा की जाएगी। इसी क्रम में सुदामा चरित के अवसर पर एक जरूरतमंद निर्धन ब्राह्मण परिवार को वस्त्र एवं राशन सामग्री भेंट की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार, सात दिनों तक अमल गार्डन में कथा, भजन, धार्मिक उत्सव और सेवा गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बैठक में पार्षद प्रवीणा राजावत, आनंद श्रीवास्तव, नवीन गर्ग, हिमांशु मिश्रा, अजय, कुलदीप, मुकेश, अमल, गरिमा, मोनिका और समीक्षा सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।