परखम में बहेगी भक्ति की गंगा: कैलाशानंद महाराज की वाणी से गूंजेगी श्री राम कथा, 10 अप्रैल से होगा सात दिवसीय आयोजन
आगरा। भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण का साक्षी बनने जा रहा है फरह क्षेत्र का गऊग्राम परखम, जहां 10 अप्रैल से श्री राम कथा का आयोजन प्रारंभ होगा। निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित होने वाली यह कथा श्रद्धालुओं के जीवन में आस्था, संस्कार और प्रेरणा का संचार करेगी। दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन 17 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ होगा।
आमंत्रण पत्रिका का हुआ विमोचन
बुधवार को होटल पीएल पैलेस में आमंत्रण पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर उप्र लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, समिति मंत्री हरिशंकर शर्मा, प्रचार मंत्री मनीष अग्रवाल रावी, आरएसएस प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अशोक कुलश्रेष्ठ, कथा संयोजक इंजीनियर उमेश शर्मा, राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल, अभिनव मौर्य, डॉ. अनुराग शर्मा और राजेश कुलश्रेष्ठ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कथा में उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब
समिति के मंत्री हरिशंकर शर्मा ने बताया कि परखम में आयोजित इस श्री राम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की ओजस्वी वाणी से राम कथा का अमृत बरसेगा, जो भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा।
समाज को संस्कारों से जोड़ती है राम कथा
उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रचार मंत्री मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज के श्रीमुख से कथा श्रवण का दुर्लभ अवसर मिलेगा।
भजन, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
कथा संयोजक इंजी. उमेश शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन कथा से पूर्व और पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 10 अप्रैल को अनन्या ठाकुर की भजन संध्या, कशिश किशोरी का मयूर लोक नृत्य, 11 अप्रैल को नलनी निगम (नोएडा) व जितेंद्र सिसोदिया (मथुरा) की भजन प्रस्तुति होगी। 12 अप्रैल को धीरज पांडे (प्रयागराज) के भजन व बांके बिहारी शर्मा की मंडली की रामलीला होगी।
इसके अलावा मोनिका सिंह (लखनऊ), माधव आचार्य (मथुरा), डॉ. सुजाता अग्रवाल (आगरा), डॉ. जगदीश प्रसाद माथुर, मोहिनी द्विवेदी (लखनऊ), नरेंद्र सिंह (रायबरेली), अनिल तिवारी (मथुरा), डॉ. हितू मिश्रा और दीपशिखा रायजादा (गाजियाबाद) की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
यह दिव्य आयोजन 17 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।