मुगल कैद से शिवाजी महाराज की मुक्ति की स्मृति में आगरा से पुणे तक 1250 किमी की गरुड़झेप यात्रा

आगरा। आगरा के ऐतिहासिक किले से 17 अगस्त को एक अनोखी और भव्य यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। यह है गरुड़झेप मुहिम यात्रा। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, शौर्य और रणनीतिक प्रतिभा को फिर से जीवंत करने का महापर्व है।

Aug 13, 2025 - 16:43
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मुगल कैद से शिवाजी महाराज की मुक्ति की स्मृति में आगरा से पुणे तक 1250 किमी की गरुड़झेप यात्रा
आगरा से पुणे तक निकाली जाने वाली गरुड़झेप मुहिम यात्रा के बारे में जानकारी देते छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज आभामारुति गोले एवं अन्य।

-17 अगस्त को आगरा से शुरू होगी यह यात्रा, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शुरू करेंगे, आगरा किले के सामने होगा छत्रपति के शौर्य का प्रदर्शन

आगरा के सत्तोलाला फूड कोर्ट में बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज आभामारुति गोले ने इस भव्य यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि 17 अगस्त 1666 को ही शिवाजी महाराज ने आगरा में ही मुगल बादशाह औरंगजेब की कैद से निकलकर इतिहास का ऐसा पन्ना लिखा जिसे आज भी गर्व से याद किया जाता है। उसी अद्वितीय साहस की स्मृति में छत्रपति शिवाजी के सेनापतियों के 14वें वंशज पिछले दो वर्ष से इस दिन को स्मृति दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। आगरा से राजगढ़ तक मशाल के साथ पदयात्रा की जाएगी, जो अंततः पुणे तक 1250 किलोमीटर का सफर तय करेगी।

यात्रा की खासियतें

गरुड़झेप मुहिम महाराष्ट्र के अध्यक्ष आभामारुति गोले ने बताया कि 101 किलों का जल एकत्र कर शिवाजी महाराज की प्रतिमा का जलाभिषेक किया जाएगा।

-गोआ के 150 विश्वविख्यात कलाकारों द्वारा शिवाजी के जन्म से राज्याभिषेक तक का नाट्य मंचन होगा।

पूना की 55 छात्राओं द्वारा औरंगजेब की कैद से शिवाजी की मुक्ति का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया जाएगा।

-छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के वंशजों द्वारा युद्ध कौशल और शौर्य प्रदर्शन किया जाएगा।

-यात्रा में 1000 धावक और 100 साइकिल सवार मशाल लेकर चलेंगे।

4 राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के 75 शहरों से गुजरेगी यह यात्रा।

आगरा की समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान संस्था यात्रा का भव्य स्वागत करेगी। संस्था के अध्यक्ष वात्सल्य उपाध्याय ने बताया कि आगरा में जहां-जहां से यात्रा गुजरेगी, पुष्प वर्षा और जयघोष से वातावरण शिवाजीमय होगा। मशाल जुलूस का विशेष स्वागत सराय मलूक चंद (सेवला जाट) में होगा। यह वह ऐतिहासिक स्थान है, जहां शिवाजी महाराज ने आगरा से निकलते समय विश्राम किया था।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सांस्कृतिक मंत्री आशीष और यूपी के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय 17 अगस्त को आगरा में इस यात्रा का शुभारंभ शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण से करेंगे। इस दौरान मराठी कलाकार प्राचीन युद्ध कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे युवा पीढ़ी शिवाजी महाराज की युद्ध नीति और शौर्य से प्रेरित हो सके।

यह 13 दिन लंबी यात्रा न केवल इतिहास को दोहराएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए शिवाजी महाराज के आदर्शों को जीवंत करेगी।

प्रेस वार्ता के दौरान समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान आगरा की महामंत्री, डॉ सिमरन उपाध्याय, गरुड़झेप मुहिम के संस्थापक आभा मारुति गोले, उपाध्यक्ष विजय गोयल, मुकुल सुवानी, संयोजक डॉ. सपना गोयल, पीएम पाण्डे, संजय जैन आदि मौजूद थे।Bottom of Form

SP_Singh AURGURU Editor