पशुधन मंत्री के जिले में ही बदहाल हैं गौशालाएं, भूख-प्यास से जूझ रहे गौवंश

-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के ही जिले बरेली की गौशालाओं की दुर्दशा ने सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। निरीक्षण में सामने आया कि पशुओं को भोजन-पानी तक सही ढंग से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। हरा चारा और पशु आहार  का दावा केवल कागजों में है, जबकि गोवंश दुबले-पतले और बीमार नज़र आ रहे हैं।

Aug 19, 2025 - 21:24
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पशुधन मंत्री के जिले में ही बदहाल हैं गौशालाएं, भूख-प्यास से जूझ रहे गौवंश
प्रतीकात्मक इमेज।

निरीक्षण में खुली पोल

रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश के निदेशक डॉ. राजीव कुमार ने रविवार को भोजीपुरा ब्लॉक के गांव महेशपुर शिवसिंह समेत कई गौशालाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि पशुओं को न तो पर्याप्त पोषण मिल रहा है और न ही स्वच्छता पर ध्यान दिया जा रहा।

नालियों में गंदा पानी भरा था, जिससे मच्छरों का प्रकोप और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। हरे चारे की खरीद में भी गड़बड़ियां पाई गईं। बिल व रसीदों पर गोशाला के नाम के बजाय केयरटेकर का नाम दर्ज था।

नोडल अफसरों की नियुक्ति लेकिन कागजी कार्रवाई

गौशालाओं की बदहाली और लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी ने 127 गौशालाओं में नोडल अफसर नामित किए हैं। लेकिन निरीक्षण में स्पष्ट हुआ कि यह केवल कागजी काम बनकर रह गया है।

जिले की 17,584 गोवंशीय संख्या के मुकाबले भोजन-पानी और चिकित्सा व्यवस्था बेहद लचर पाई गई।

समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश

निरीक्षण के बाद विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में निदेशक ने स्पष्ट किया कि गौशालाओं में हरा चारा नाममात्र का दिया जा रहा है। दान में मिले भूसे और दाने का कोई अधिकारिक रिकॊर्ड नहीं है। गोबर निस्तारण और स्वच्छता पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

निदेशक ने पंचायती राज, विकास विभाग, कृषि, राजस्व व गृह विभाग को आपसी तालमेल से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही हरे चारे के विकल्प सुझाए।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार भविष्य में गौशालाओं में कैमरा सर्विलांस और चारे की सप्लाई का डिजिटल रिकॉर्ड रखने की तैयारी की जा रही है, ताकि गड़बड़ियों को तुरंत रोका जा सके।

SP_Singh AURGURU Editor