जीडी गोएनका के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ को थॉमस मान लिटरेरी अवार्ड

आगरा। वैश्विक हिंदीशाला संस्थान एवं सुजनी, जर्मनी द्वारा हिंदी भाषा के उत्थान एवं विकास में योगदान के लिए जीडी गोएनका आगरा के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ को प्रतिष्ठित 'थॉमस मान लिटरेरी अवार्ड' से सम्मानित किया गया है।

Apr 2, 2025 - 19:05
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जीडी गोएनका के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ को थॉमस मान लिटरेरी अवार्ड

थॉमस मान (1875-1955) एक प्रख्यात जर्मन उपन्यासकार और निबंधकार थे, जिन्हें 1929 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। पुनीत वशिष्ठ को यह पुरस्कार उनकी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक मृत्युंजय तथा शिक्षा के क्षेत्र में संस्कारों के प्रचार-प्रसार, उनकी रचनात्मक दृष्टि, और हिंदी भाषा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान जर्मनी के कोलोन शहर में संचालित संस्था द्वारा प्रदान किया गया, जो हिंदी भाषा के उत्थान के लिए समर्पित है।

इस पुस्तक की विषय-वस्तु से प्रभावित होकर संस्था द्वारा मृत्युंजय पर एक विशेष पॉडकास्ट भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संवाद जानी-मानी शिक्षाविद् डॉ. शिप्रा शिल्पी सक्सेना द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि जर्मनी में भारत और भारतीय इतिहास का प्रसार तेजी से हो रहा है, और मृत्युंजय जैसी पुस्तक लोगों को भारतीय संस्कृति, भारतीय सोच एवं जीवन मूल्यों को समझने में सहायता प्रदान करेगी।

पुनीत वशिष्ठ ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे अपने माता-पिता को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना मेरा कर्तव्य है, और मैं इस दिशा में निरंतर कार्यरत रहूंगा।

SP_Singh AURGURU Editor