बैंक ऋण के जाल से बाहर निकलें! एसएमई आईपीओ से खुलेगा विकास और वैश्विक पहचान का दरवाज़ा

आगरा। लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए पूंजी जुटाने और वैश्विक पहचान पाने का सुनहरा अवसर अब एसएमई आईपीओ के जरिए उपलब्ध है। इसी विषय पर चैम्बर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को होटल आईटीसी मुगल, फतेहाबाद रोड पर आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने उद्यमियों को विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने साफ कहा कि अब छोटे और मध्यम उद्योगों को बैंक ऋण और ब्याज की बेड़ियों से मुक्त होकर पूंजी जुटाने का पारदर्शी व सुरक्षित विकल्प अपनाना होगा।

Sep 2, 2025 - 18:42
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बैंक ऋण के जाल से बाहर निकलें! एसएमई आईपीओ से खुलेगा विकास और वैश्विक पहचान का दरवाज़ा
फतेहाबाद रोड स्थित होटल आईटीसी मुगल में चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते राज कुमा भगत। मंच पर हैं मुख्य वक्ता नीता प्रसाद, सर्वेश कुमार, राजेश गोयल एवं अन्य।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य वक्ता नीता प्रसाद और सर्वेश कुमार (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एस्पायरिंग एसएमईएस, दिल्ली) ने चैम्बर अध्यक्ष राजकुमार भगत, संरक्षक राजेश गोयल, महासचिव अनुज सिंघल, मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ‘रावी’, उपाध्यक्ष नितिन गोयल, आशीष गर्ग, सचिव विकास चतुर्वेदी, सिद्धार्थ अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, शैलेश अग्रवाल के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। संचालन सीएस अनुज अशोक ने किया।

एसएमई आईपीओ से मिलेगी वैश्विक पहचान- नीता प्रसाद

मुख्य वक्ता नीता प्रसाद (सेंटर ऒफ एक्सीलेंस फॊर एस्पायरिंग एसएमईएस विभाग) ने कहा कि यदि कोई उद्योग लगातार तीन वर्षों तक सफलतापूर्वक चल रहा है और उसकी शुद्ध आय कम से कम एक करोड़ रुपये है, तो वह अपना एसएमई आईपीओ ला सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीओ लाने से उद्योगपति बैंक ऋण और ब्याज की अनिश्चितताओं से मुक्त होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।

परंपरागत पूंजी जुटाने से बेहतर विकल्प

नीता प्रसाद ने समझाया कि पारंपरिक पूंजी जुटाने के तरीके, जैसे प्रमोटरों की इक्विटी, मित्र-परिजनों से पूंजी, मुनाफे का पुनर्निवेश और बैंक ऋण की तुलना में आईपीओ कहीं अधिक सुरक्षित और दीर्घकालिक लाभ देने वाला विकल्प है। प्रश्नोत्तर सत्र में उद्यमियों को आईपीओ प्रक्रिया, उसके कानूनी पहलुओं और फायदे की जानकारी दी गई।

पारदर्शी पूंजी जुटाने का माध्यम – सर्वेश कुमार

सर्वेश कुमार सेंटर ऒफ एक्सीलेंस फॊर एस्पायरिंग एसएमईएस विभाग) ने कहा कि एसएमई आईपीओ छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए पारदर्शी एवं सुरक्षित पूंजी जुटाने का सशक्त माध्यम है। इससे व्यापार न केवल वित्तीय रूप से सशक्त होता है, बल्कि उसे ब्रांड वैल्यू और निवेशकों का भरोसा भी मिलता है।

उद्योग जगत की रीढ़ साबित होंगे एसएमई आईपीओ

चैम्बर अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि आने वाले समय में एसएमई आईपीओ उद्योग जगत की रीढ़ बनेंगे। महासचिव अनुज सिंघल ने उद्यमियों से इस अवसर का लाभ उठाने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ‘रावी’ ने कहा कि आईपीओ केवल पूंजी जुटाने का साधन नहीं, बल्कि कंपनी की ब्रांडिंग और विश्वसनीयता को मजबूत करने का जरिया है।

वित्तीय पारदर्शिता ज़रूरी – अनुज अशोक

सलाहकार समिति के सीएस अनुज अशोक ने कहा कि उद्यमियों को अपने वित्तीय दस्तावेज और खातों को पारदर्शी व व्यवस्थित रखना चाहिए। इससे आईपीओ प्रक्रिया सुगम हो जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आईपीओ केवल बड़े कॉरपोरेट्स का विशेषाधिकार नहीं बल्कि लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए भी खुला अवसर है।

फूड एक्सपो पर भी चर्चा

संगोष्ठी के बाद हुई कार्यकारिणी बैठक में जून 2025 में आयोजित प्रदेश के पहले फूड एक्सपो की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026 में होने वाले फूड एक्सपो की प्रारंभिक रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।

सचिव विकास चतुर्वेदी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में आगरा की प्रमुख भूमिका है। इसलिए प्रदेश सरकार को आगरा जनपद में प्रमुख योजनाएं और अनुदान देने होंगे। मुख्य कार्यकारिणी सदस्य राजेश गोयल "माना" ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैकेजिंग और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही सरकार को फूड टेस्टिंग लैब के निर्माण को प्राथमिकता देनी होगी।

संगोष्ठी में इनकी थी मौजूदगी

कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष आशीष गर्ग ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया। इस अवसर पर अशोक लालवानी, अभिषेक चौरसिया, दर्पण अग्रवाल, अमित गोयल, मोहित सिंह, सनी शर्मा, अभिनव रस्तोगी, मगन मित्तल, विमल गोयल, अभिषेक जैन, विकास बंसल सहित अनेक उद्यमी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor