बकरी गरीब की कामधेनु, यही बनेगी किसानों की आर्थिक ताकत: केंद्रीय मंत्री प्रो. बघेल ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र, 14 राज्यों के 108 प्रशिक्षणार्थियों ने शुरू की ट्रेनिंग

मथुरा। केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मखदूम में सोमवार को आयोजित 130वें राष्ट्रीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल (पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी तथा पंचायती राज) ने किया। देश के 14 राज्यों से आए 108 प्रशिक्षणार्थियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने बकरी पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि बकरी गरीब की कामधेनु है, जो छोटे और सीमांत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। उन्होंने पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं, प्राकृतिक खेती, नैनो यूरिया, डीएपी के संतुलित उपयोग और जैविक खाद के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

Jul 13, 2026 - 22:02
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बकरी गरीब की कामधेनु, यही बनेगी किसानों की आर्थिक ताकत: केंद्रीय मंत्री प्रो. बघेल ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र, 14 राज्यों के 108 प्रशिक्षणार्थियों ने शुरू की ट्रेनिंग
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम में वहां के अधिकारियों के साथ मौजूद केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, दिल्ली, असम, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 108 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। इनमें 98 पुरुष और 10 महिला प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से बकरी पालन को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाना है, ताकि किसान कम लागत में अधिक आय अर्जित कर सकें।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि बकरी पालन कम निवेश में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार का मजबूत आधार बन सकता है।

उन्होंने 'खेत बचाओ अभियान' का उल्लेख करते हुए किसानों से नैनो यूरिया और डीएपी के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग की अपील की। साथ ही पशुओं से प्राप्त गोबर का उपयोग जैविक खाद के रूप में करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी।

मंत्री ने पशुपालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि पशु चिकित्सालयों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि किसानों को बेहतर चिकित्सा और तकनीकी सहायता उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उद्घाटन समारोह के बाद प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने संस्थान परिसर का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने हाइड्रोपोनिक चारा यूनिट, पैलेट फीड प्लांट, एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) मॉडल तथा बरबरी बकरी फार्म का निरीक्षण किया और वहां कार्यरत वैज्ञानिकों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संस्थान में किए जा रहे अनुसंधान एवं नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इन तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती मधु बघेल, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चैतली, डॉ. अनुपम दीक्षित सहित संस्थान के सभी वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक बकरी पालन, नस्ल सुधार, पोषण प्रबंधन, रोग नियंत्रण, वैज्ञानिक प्रजनन तकनीक, चारा उत्पादन तथा उद्यमिता विकास से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे अपने क्षेत्रों में सफल बकरी पालन मॉडल विकसित कर सकें।

SP_Singh AURGURU Editor