गोकुलपुरा गणगौर मेले का शुभारंभ, ब्रज की आस्था और संस्कृति से जगमगाया पूरा क्षेत्र

आगरा के ऐतिहासिक गोकुलपुरा गणगौर मेले का शनिवार को श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक वैभव के साथ शुभारंभ हुआ। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और एमएलसी विजय शिवहरे ने विधिवत फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। पूरे क्षेत्र में ‘गौरा-ईसर’ के जयकारों के बीच भक्ति का माहौल छा गया। इस वर्ष 32 ईसर-गौरा के जोड़े सजाए गए हैं और मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। रविवार को विशाल शोभायात्रा, धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि में भस्मासुर दहन के साथ मेले का समापन होगा।

Mar 21, 2026 - 22:14
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गोकुलपुरा गणगौर मेले का शुभारंभ, ब्रज की आस्था और संस्कृति से जगमगाया पूरा क्षेत्र
गोकुलपुरा गणगौर मेले का उद्घाटन करते हुए उच्च शिक्षा राज्य मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक विजय शिवहरे, साथ में मेला कमेटी के अध्यक्ष मनीष वर्मा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा, पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, ललित शर्मा, गोविंद वर्मा एवं अन्य पदाधिकारी।

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और एमएलसी विजय शिवहरे ने किया उद्घाटन, रविवार को निकलेगी विशाल शोभायात्रा

आगरा। ब्रज की प्राचीन परंपराओं, अटूट आस्था और सांस्कृतिक वैभव का अनुपम संगम लिए श्री गोकुलपुरा गणगौर मेला कमेटी द्वारा आयोजित ऐतिहासिक गणगौर मेला शनिवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ प्रारंभ हो गया। विधिवत मंत्रोच्चार, फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलन के साथ मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और एमएलसी  विजय शिवहरे ने मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संरक्षक पंडित दिनेश चंद्र शर्मा, पंडित दाऊ दयाल शर्मा, रमेश चंद्र वर्मा, रजत अस्थाना और महेश चंद्र शर्मा  उपस्थित रहे।
उद्घाटन के साथ ही पूरा क्षेत्र “गौरा-ईसर” के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मेले के शुभारंभ अवसर पर कहा कि गोकुलपुरा का यह प्राचीन मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, नारी श्रद्धा और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मां गौरा (पार्वती) और भगवान शिव का यह पावन पर्व समाज में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। ब्रज क्षेत्र की यह विरासत सदियों से चली आ रही है, जिसे संरक्षित और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। मंत्री ने मेला कमेटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इतने भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन से स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिलती है, साथ ही स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को भी प्रोत्साहन मिलता है।

विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे ने कहा कि गोकुलपुरा का गणगौर मेला आस्था, उत्साह और सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक गौरव को भी सुदृढ़ करता है।

उन्होंने क्षेत्रवासियों और मेला कमेटी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिस प्रकार पूरे क्षेत्र को सजाकर और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस मेले को आयोजित किया जा रहा है, वह वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन आने वाले समय में और अधिक भव्यता के साथ नई ऊंचाइयों को छुएगा।
 

हर गली में बसी भक्ति, हर घर में सजे ईश्वर -गौरा

मेले के शुभारंभ के साथ ही गोकुलपुरा, कंसगेट, अशोक नगर, राजा मंडी और मंशा देवी क्षेत्र की गलियां रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठीं। हर घर के बाहर सजे गौरा-पार्वती के मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो संपूर्ण क्षेत्र शिव-पार्वती के दिव्य आशीर्वाद से आलोकित हो उठा हो। देर रात ईश्वर-गौरा के जोड़ों को हटकेश्वर मंदिर ले जाया गया, जहां विधि-विधान से जल ग्रहण करवाया गया।
इस वर्ष भी परंपरा के अनुरूप 32 ईसर-गौरा के जोड़े अत्यंत सुंदर और कलात्मक ढंग से सजाए गए हैं, जिन्हें स्थानीय महिलाओं ने कई सप्ताह की मेहनत और भक्ति से तैयार किया है।

शोभायात्राओं में झलकेगी आस्था की विराट छटा

अध्यक्ष मनीष वर्मा और महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने बताया कि  22 मार्च, रविवार को विशाल शोभायात्रा के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा रात्रि में भस्मासुर दहन के साथ मेले का भव्य समापन होगा।

300से अधिक स्टॉल और मनोरंजन का विशेष आकर्षण

मेले में इस बार 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, श्रृंगार सामग्री और स्वादिष्ट व्यंजनों की विविधता देखने को मिल रही है। बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन के साधन विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

मेले के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। दूर-दराज से आए लोग इस ऐतिहासिक मेले की भव्यता, आस्था और सांस्कृतिक रंगों का आनंद ले रहे हैं।

ये संभाल रहे व्यवस्था 

मेले की व्यवस्थाएं अध्यक्ष मनीष वर्मा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा, कोषाध्यक्ष गोविंद वर्मा, मेला प्रभारी ललित शर्मा, संयोजक नरेश करेरा, सहसंयोजक ओमप्रकाश वर्मा, उपाध्यक्ष राजीव वर्मा, विष्णु वर्मा, प्रदीप गुप्ता, दीपक वर्मा, विजय वर्मा, गिरीश वर्मा, मंत्री विशाल वर्मा, गोपाल वर्मा, शुभम वर्मा, अनिल यादव, नरेश वर्मा, सहमंत्री अभिषेक जैन, पंकज यादव, नीरज वर्मा, गौरव शर्मा, राकेश वर्मा, अंकित वर्मा, राहुल वर्मा, मीडिया प्रभारी अमन वर्मा, रवि वर्मा, दीपक वर्मा, गौरव वर्मा, राज वर्मा आदि ने संभाल रहे हैं।