आगरा को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित कर रही सरकार, दो हजार सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना
आगरा। उत्तर प्रदेश में सोलर एनर्जी को प्रोत्साहित कर रही योगी सरकार ने आगरा के साथ मंडल के सभी जिलों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। आगरा सहित पूरे मंडल के सभी जिलों को यूपीनेडा सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का काम कर रहा है।
- पहले चरण में मुख्य मार्गों पर लगाई जा रही 600 सोलर स्ट्रीट लाइट
- दूसरे चरण में सरकारी कार्यालयों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना
सौर ऊर्जा के माध्यम से न सिर्फ शहर के प्रमुख मार्गों की लाइट जगमगाती दिखाई देंगी, बल्कि सरकारी शासकीय कार्यालयों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट से रोशन होंगे।
बिजली की खपत घटाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा अभिकरण (यूपी नेडा) के माध्यम से आगरा शहर सहित मंडल के सभी जिलों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आगरा शहर में दो हजार सोलर स्ट्रीट लाइट, सरकारी शासकीय कार्यालयों पर 25 किलोवाट से अधिक के 161 रूफटॉप सोलर पावर प्लांट, 50 मिनी मास्क सोलर लाइट और 20 नव निर्मित सुलभ शौचालयों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाने हैं।
आगरा की सड़कें सोलर स्ट्रीट लाइट से जगमगाएंगी
यूपीनेडा आगरा मंडल के प्रभारी परियोजना अधिकारी एनके सिंह ने बताया कि शहर को सोलर लाइटों से रोशन करने और बिजली की निर्भरता घटाने के लिए सरकार ने सोलर सिटी बनाने की योजना तैयार की है। पहले चरण में आगरा शहर में 600 सोलर स्ट्रीट लाइटें, 50 मिनी मास्क लगाई जाएंगी। शहर के प्रमुख मार्ग एमजी रोड, एमजी रोड- 2, सिकंदरा- बोदला रोड, यमुना किनारा, कालिंदी विहार, ट्रांस यमुना सहित 70 ऐसे मार्गों को चुना गया है, जिन पर दो हजार सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। इसके साथ ही 20 नव निर्मित शौचालयों पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे।
सरकारी दफ्तर भी सौर ऊर्जा से होंगे रोशन
आगरा शहर सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की कड़ी में सरकारी शासकीय कार्यालयों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की योजना बनाई गई है। इसमें आगरा जनपद के 161 सरकारी कार्यालयों पर 25 किलोवाट से अधिक के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जाने की योजना है। जिनमें से 9 सरकारी कार्यालयों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके है।
मथुरा में भी 315 सरकारी कार्यालयों में से 6 में रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा चुके हैं।
फिरोजाबाद में 223 और मैनपुरी में 198 सरकारी कार्यालयों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में से सौर ऊर्जा बिजली उत्पन्न करने का बेहतरीन स्रोत है। सौर ऊर्जा में कोई प्रदूषण नहीं होता है। सरकारी कार्यालयों में सोलर पावर प्लांट लगने से बिजली का भार कम हो जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
सीएम योगी का पीएम सूर्य घर योजना पर जोर
उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सोलर रूफ टॉप पैनल लगाए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना और बिजली बिलों को कम करना है।
प्रभारी परियोजना अधिकारी एनके सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप आगरा जनपद में पीएम सूर्य घर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट योजना के तहत एक लाख 30 हजार रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य मिला है। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है और जल्द ही अयोध्या की तर्ज पर आगरा को भी सोलर सिटी के रूप में विकसित कर लिया जाएगा।
पीएम सूर्य घर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट योजना के तहत आगरा जनपद में अब तक 43,940 लोगों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 11225 उपभोक्ताओं के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है। इनमें से 3543 उपभोक्ताओं के सोलर पावर प्लांट लग चुके हैं और 2832 के कनेक्शन की मंजूरी दे दी गई है। वहीं 2173 उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी प्राप्त हो चुकी है।
योजना को सफल बनाने के लिए नियमित हो रही मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं और वह स्वयं इसकी नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं।